भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कैप्टन बाईचुंग भूटिया ने युवा खिलाड़ियों को लेकर बोली यह बड़ी बात

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कैप्टन बाईचुंग भूटिया ने युवा खिलाड़ियों को लेकर बोली यह बड़ी बात

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कैप्टन बाईचुंग भूटिया ने बोला है कि युवा खिलाड़ियों को जोखिम उठाते हुए विदेशों में खेलने की आवश्यकता है जिससे उनके खेल का स्तर ऊंचा उठेगा.

 भूटिया ने एआईएफएफ टीवी से बोला कि विदेशों में खेलने के लिए बलिदान देने की आवश्यकता होती है व खिलाड़ियों को अपने विकास के लिए यह जोखिम उठाना चाहिए. हिंदुस्तान के लिए 100 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी भूटिया ने बोला कि मैं हिंदुस्तान के युवा खिलाड़ियों को सुझाव दूंगा कि वे यह जोखिम उठाएं व विदेशों में क्लब के लिए खेलें.

उन्होंने बोला कि आपको बलिदान देने की आवश्यकता होगी व इससे आपको इतनी कमाई नहीं होगी जितना हिंदुस्तान के एक शीर्ष खिलाड़ी की होती है. आप 25-26 साल की आयु हो जाने पर अपनी वित्तीय स्थिति पर ध्यान दे सकते हैं. उन्होंने बोला कि इससे पहले एआईएफएफ टीवी के साथ वार्ता में वेंकटेश ने जो बोला उससे मैं सहमत हूं. हमारे खिलाड़ियों को केवल शीर्ष यूरोपीय लीग में खेलने के बारे में नहीं सोचना चाहिए. वे चीन, जापान, कोरिया, कतर, यूएई जैसे एशियाई राष्ट्रों व बेल्जियम जैसे राष्ट्रों में भी खेल सकते हैं.

भूटिया ने फुटबॉल में अपने करियर के दौरान इंग्लिश क्लब बरी एफसी के लिए तीन साल खेले हैं व इसके बाद वह मलेशिया में पेरेक एफके एवं सेलांगोर एमके लैंड के लिए भी खेल चुके हैं. उन्होंने विदेशों में खेलने से होने वाले फायदा पर बोला कि विदेशों में खेलने से अपको बहुत कुछ सीखने का मिलता है. यह निश्चित तौर पर आपको यह समझा देता है कि फुटबॉल का पेशेवर खेल क्या है व फुटबॉल का व्यवसाय कैसे चलता है. एक खिलाड़ी के रूप में आप विकास करते हैं व सीखते हैं. ब्यूरी एफसी के साथ मेरा अनुभव बहुत ही अच्छा था. इसने मुझे इस बात से अवगत कराया कि मैं किस प्रकार का खिलाड़ी हूं. इसने मुझे खुद में सुधार करने में सहायता की.