ओलंपिक के एक वर्ष तक टलने से अब खिलाड़ियों को खेलों के लिए करनी होगी यह बड़ी महेनत

ओलंपिक के एक वर्ष तक टलने से अब खिलाड़ियों को खेलों के लिए करनी होगी यह बड़ी महेनत

ओलंपिक के एक वर्ष तक टलने से अब खिलाड़ियों को खेलों के इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए इंतजार करना होगा लेकिन उनके साथ जुड़े कोचों ने अभी से इसके लिए खाका तैयार करना प्रारम्भ कर दिया है. 

खतरनाक कोविड-19 के संसार भर में प्रसार के कारण अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने जापान सरकार से चर्चा के बाद इन खेलों को एक वर्ष के लिए टाल दिया.

मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए संसार भर के एथलीटों ने इसका स्वागत किया. निशानेबाजी टीम के राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा ने पीटीआई से बोला कि यह बड़े पैमाने पर निशानेबाजों को प्रभावित करेगा, खासकर वैसे युवाओं को जो पहली बार ओलंपिक में भाग लेंगे. हम पिछले तीन वर्ष से तैयारी कर रहे हैं. इन सब के बाद भी हमें बिना किसी शिकायत के इसे स्वीकार करना होगा. अब तक लगभग 80 भारतीय एथलीटों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है व क्वालीफायर के दोबारा प्रारम्भ होने के बाद यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है. चार वर्ष में होने वाले इन खेलों में हिंदुस्तान को पदकों की सबसे ज्यादा उम्मीद निशानेबाजों से रहती है.

टोक्यो 2020 के लिए रिकॉर्ड 15 भारतीय निशानेबाजों ने टिकट कटाया है जिसमें आठ पुरुष व सात महिला खिलाड़ी शामिल है. इनमें कुछ किशोर खिलाड़ी भी है. राणा ने बोला कि ज़िंदगी अनमोल है व जो कुछ भी किया जा रहा है, वह एथलीटों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है. यह सिर्फ एथलीटों के लिए नहीं बल्कि पूरी संसार के लिए है. ओलंपिक के लिए नौ मुक्केबाजों व इतनी ही संख्या में ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया है. मुक्केबाजी टीम के कोच सैटियागो नीवा ने पांच पुरुष व चार महिला मुक्केबाजों के क्वालीफाई करने की संकेत करते हुए बोला कि मैं 2021 खेलों की तारीखों की घोषणा होने के बाद ही योजनाओं को फिर से तैयार करूंगा. हमें यह जानने की आवश्यकता है कि अगले क्वालीफायर कब हैं. हम वास्तव में चिंतित नहीं हैं क्योंकि हमने 13 में से नौ वजन वर्ग में क्वालीफिकेशन हासिल की है.

मुक्केबाजी के लिए दुनिया क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं के आयोजन मई में होने थे, जिसे स्थगित कर दिया गया. यह टूर्नामेंट जब भी होगा हिंदुस्तान के पास व अधिक ओलंपिक कोटा हासिल करने का मौका होगा. नीवा ने बोला कि यह अविश्वसनीय समय है. आगे की हमारी योजना में क्वालीफिकेशन की स्थान लय के बरकरार रखने पर ध्यान देना शामिल होगा. एथलेटिक्स के राष्ट्रीय सहायक कोच पी राधाकृष्णन नायर इस घटनाक्रम से थोड़े निराश है व उनका मानना है कि इन खेलों को 2022 तक स्थगित करना ज्यादा बेहतर होता. किसी भी भारतीय एथलीट ने ट्रैक एंड फील्ड में अभी तक ओलंपिक में पदक नहीं जीता है. नायर ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (बंद) की ओर संकेत करते हुए बोला कि जहां तक ​​प्रशिक्षण व प्रतियोगिता की योजना का सवाल है यह हमारे लिए एक चुनौती होगी.

लॉकडाउन के बाद मुझे लग रहा है कि एथलेटिक्स के लिए यह सत्र लगभग समाप्त हो गया. उन्होंने बोला कि मुझे नहीं लगता कि हम सितंबर या अक्टूबर से पहले कुछ भी प्रारम्भ कर सकते हैं. ऐसे में ओलंपिक (2021 में) के लिए सात-आठ महीने पर्याप्त नहीं हो सकते. अगर ओलंपिक 2022 होता तो बेहतर होता. राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने भी ओलंपिक टालने का समर्थन करते हुए बोला कि इस दौरान खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का समय मिलेगा मौजूदा रैंकिंग के अनुसार, पी वी सिंधू, बी साई प्रणीत के अतिरिक्त चिराग शेट्टी व सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी की पुरुष युगल जोड़ी को ओलंपिक टिकट मिलना लगभग तय है. उन्होंने बोला कि मुझे लगता है कि एक वर्ष अच्छा समय है. हमारे पास लय हासिल करने का पर्याप्त समय होगा. इसलिए, मुझे नहीं लगता कि तैयारी पर कोई समस्या या निगेटिव असर पड़ेगा.

भारत को कुश्ती से भी पदक की उम्मीद होगी जहां विनेश फोगाट व बजरंग पूनिया जैसे मजबूत दावेदार है. कुश्ती के कोच वाल्लेर एकोस ने के बोला कि विनेश इसे सकारात्मक ढंग से लेगी. उन्होंने बोला कि विनेश के लिए इसका सकारात्मक पहलू यह है कि हमें सर्वश्रेष्ठ प्रतिद्वंद्वियों के विरूद्ध तैयारी करने के लिए एक वर्ष व मिल रहा है. राष्ट्रीय भारोत्तोलन कोच विजय शर्मा ने बोला कि उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी योजना को फिर से तैयार करना होगा कि एक वर्ष का सर्वश्रेष्ठ उपयोग किया जाए. हिंदुस्तान के लिए सिर्फ पूर्व दुनिया चैंपियन मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में टोक्यो का टिकट कटाया है.

कोच ने बोला कि हमें अब फिर से पूरी योजना तैयार करनी होगी. हम अब नए क्वालीफाइंग सिस्टम के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. हम उसी के मुताबिक अपने प्रशिक्षण की योजना बनाएंगे. उभरते हुए टेबल टेनिस खिलाड़ी जी साथियान के कोच व पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन एस रमन ने ओलंपिक के स्थगन का स्वागत किया. मौजूदा रैंकिंग के आधार पर साथियान व अनुभवी शरत कमल पुरुष युगल में ओलंपिक टिकट के हकदार है. रमन ने बोला कि ओलंपिक टालने का फैसला ठीक है. इसमें व विलंब नहीं किया जा सकता था क्योंकि इससे खिलाड़ी गुमराह होंगे. आप वायरस के कारण खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को लेकर भय के महौल में नहीं रख सकते.