वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर कार्लोस ब्रेथवेट ने खिलाड़ियों की इस बात को बताया दिखावा

वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर कार्लोस ब्रेथवेट ने खिलाड़ियों की इस बात को बताया दिखावा

वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर कार्लोस ब्रेथवेट ने बोला कि रंगभेद के विरोध को लेकर खिलाड़ियों का घुटने टेकना सिर्फ दिखावा है. इस भेदभाव को समाज से समाप्त करने के लिए मजबूत कानून बनाने की सबसे ज्यादा आवश्यकता है.

 हाल ही में अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में मृत्यु के बाद दुनियाभर में खिलाड़ियों ने मैदान पर घुटने के बल बैठकर रंगभेद के विरूद्ध विरोध जताया है. विरोध का यह एक सिंबोल बन गया है.

वेस्टइंडीज व इंग्लैंड के बीच 8 जुलाई से 3 टेस्ट की सीरीज खेली जानी है. इसके साथ ही कोरोनावायरस के बीच करीब 3 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हो रही है. इस सीरीज में रंगभेद के विरूद्ध अभियान को सपोर्ट करने के लिए वेस्टइंडीज व इंग्लैंड के खिलाड़ी ब्लैक लाइव्स मैटर लोगो वाली टी-शर्ट पहनेंगे.

समाज की मानसिकता में परिवर्तन की जरूरत
ब्रेथवेट के हवाले से बीबीसी ने लिखा, ‘‘मैदान पर घुटने टेकना या फिर बैज लगाना ही बहुत ज्यादा नहीं है. अब मानसिकता में परिवर्तन लाना होगा. मेरे हिसाब से यह एक दिखावा है. एक बड़े तौर पर परिवर्तन के लिए कानून में परिवर्तन करना होगा. समाज में भी लोगों को मानसिकता बदलने की आवश्यकता है.’’

काले आदमी को लोग हमेशा गलत ही मानते हैं
ब्रेथवेट ने कहा, ‘‘जब हम किसी सुपरमार्केट में काले आदमी को देखते हैं, तो हम खुद ही सोच लेते हैं कि वह गलत आदमी होगा. इसके बाद गार्ड आता है व उसे बाहर निकाल देता है. यह एक बड़ा मामला है कि क्यों हमारी सोच इतनी छोटी है. इस पर चर्चा करने की बजाय हम घुटने टेक देते हैं.’’

ऑर्चर की सफलता ने कई लोगों के लिए रास्ते खोले

बारबाडोस केजोफ्रा आर्चर इंग्लैंड के लिए स्टार गेंदबाज बनकर उभरे हैं. इस पर ब्रेथवेट ने बोला कि उसकी पास ने दुनियाभर में उपस्थित उसके जैसे कई जोफ्रा आर्चर के लिए रास्ते खोल दिए हैं. इंग्लैंड ने 2019 वर्ल्ड कप खिताब जीता था. टूर्नामेंट में आर्चर टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित हुए थे. उन्होंने फाइनल में सुपर ओवर फेंका था.

26 मई को फ्लॉयड को हिरासत में लिया गया था
अमेरिका के मिनेपोलिस में 26 मई को धोखाधड़ी के एक मुद्दे में फ्लॉयड को हिरासत में लिया गया था. पूछताछ के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने फ्लॉयड को सड़क पर ही गिरा दिया था व अपने घुटने से उसकी गर्दन को करीब 8 मिनट तक दबाए रखा. इस कारण उसकी मृत्यु हो गई थी. इसका वीडियो भी वायरल हुआ था.

आईसीसी ने खिलाड़ियों का सपोर्ट किया
फ्लॉयड की मृत्यु के बाद दुनियाभर के खेल जगत में भी रंगभेद के विरूद्ध विरोध प्रारम्भ हो गया था. वेस्टइंडीज के कैप्टन जेसन होल्डर, डेरेन सैमी, क्रिस गेल, ड्वेन ब्रावो समेत कई खिलाड़ियों ने भी विरोध जताया. इसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने भी इन खिलाड़ियों का सपोर्ट किया था.