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मुंबई इंडियंस के नए कप्तान हार्दिक को लेकर आकाश चोपड़ा ने कही ये बड़ी बात

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (आईएएनएस). पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अभी भी क्रिकेट सर्किट में एक कप्तान के रूप में तैयार नहीं हैं और उन्हें लगता है कि मुंबई इंडियंस को उन्हें एक अच्छा कप्तान बनाने के लिए बहुत सारे इनपुट प्रदान करने होंगे.

14 दिसंबर को मुंबई इंडियंस ने घोषणा की कि हार्दिक इंडियन प्रीमियर लीग 2024 सीज़न से पहले टीम के नए कप्तान होंगे. इसका मतलब टीम के कप्तान के रूप में रोहित शर्मा के बहुत बढ़िया दस वर्ष के शासनकाल का अंत भी था, जिन्होंने 2013 के इंडियन प्रीमियर लीग सीज़न के बीच से यह किरदार निभाई थी.

हार्दिक ने अपने पहले सीज़न में गुजरात को 2022 में इंडियन प्रीमियर लीग खिताब दिलाया और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के विरुद्ध फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच रहे.

2023 में हार्दिक की कप्तानी में गुजरात ने दूसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल में स्थान बनाई, जहां वे चेन्नई सुपर किंग्स से हारकर उपविजेता रहे.

आईपीएल 2022 और 2023 दोनों सीज़न में गुजरात ने हार्दिक के नेतृत्व में लीग चरण में अंक तालिका में शीर्ष जगह हासिल किया था.

जियोसिनेमा के दैनिक स्पोर्ट्स शो ‘आकाशवाणी’ पर आकाश चोपड़ा ने कहा, “यह मेरी समझ है और कोई अंदरूनी समाचार नहीं है. जब हार्दिक पांड्या ने गुजरात से जाने का निर्णय किया, तो कप्तानी सौदे का एक हिस्सा रही होगी. इस निर्णय के बारे में रोहित शर्मा को भी जरूर कहा गया होगा. रोहित को मुंबई इंडियंस की भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई होगी. मुझे लगता है कि हार्दिक को गुजरात टाइटंस का कप्तान बनाने में आशीष नेहरा की जबरदस्त किरदार थी.

“उन्हें हार्दिक को मैदान पर दोहराने के लिए एक अलग स्तर पर इनपुट प्रदान करना होगा, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि हार्दिक, एक कप्तान के रूप में अभी तक एक तैयार उत्पाद हैं.

रोहित ने मुंबई को पांच इंडियन प्रीमियर लीग खिताब 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 दिलाए और कुल मिलाकर रोहित ने 158 इंडियन प्रीमियर लीग मैचों में कप्तानी की. जिसमें से 87 मैच जीते, 67 मैच हारे और चार मैच टाई पर खत्म हुए. इस दौरान उनका जीत का फीसदी 55.06 रहा. चोपड़ा को लगता है कि यह एक युग का अंत है क्योंकि मुंबई भविष्य की ओर देख रहा है.

चोपड़ा ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “बेहद जरूरी है, लेकिन यह तय करना और भी जरूरी है कि किसी को कब जाने दिया जाए. सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चा चल रही है कि हार्दिक को कार्यभार संभालने के लिए कहने से पहले रोहित को उनकी शर्तों पर जाने दिया जाना चाहिए था या एक मैच में एमआई का नेतृत्व करने की अनुमति दी जानी चाहिए थी. मैं पर्सनल रूप से इसकी सदस्यता नहीं लेता. टीम से बड़ा कोई नहीं है.

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