हॉकी के 6 नेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी यह लडकी

हॉकी के 6 नेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी यह लडकी

 19 वर्ष की बांधवी सिंह ने नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में शनिवार को 4 गोल्ड जीतकर सबसे चौंका दिया. मप्र के शहडोल जिले के पास सुहागपुर गांव की बांधवी ने ओलिंपिक कोटा दिलाने वाली सीनियर शूटर अंजुम मुदगिल को हराया. बांधवी पहले भी नेशनल खेल चुकी हैं.

उन्होंने कुछ महीने पहले ही 50 मीटर की .22 राइफल थामी है. इससे पहले वे 10 मीटर में पीप साइट पर शूट करती थीं. बांधवी के पिता यशवर्धन सिंह शूटर रह चुके हैं. उन्होंने 80 के दशक में कुछ नेशनल टूर्नामेंट में भाग भी लिया था. बांधवी ने कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली है. उन्हें शूटिंग विरासत में मिली है. दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई कर रहीं बांधवी कॉलेज में ही शूटिंग प्रैक्टिस करती हैं. उन्होंने अपने पहले नेशनल टूर्नामेंट के लिए पिछले महीने दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 15 दिन प्रैक्टिस की थी. अब मप्र प्रदेश शूटिंग एकेडमी ने उन्हें एडमिशन का प्रस्ताव दिया है.

अंजुम को देखकर तैयारी की, सीनियर कैटेगरी में उन्हीं को हराकर गोल्ड जीता
बांधवी ने बोला कि मैंने मेडल के बारे में नहीं सोचा था. मैंने अंजुम को ही देखकर अपनी तैयारी की थी. पिछले वर्ष उनका स्कोर सबसे ज्यादा था. मैं मेहुली घोष व अपूर्वी चंदेला से भी प्रभावित हूं. टूर्नामेंट के लिए प्रैक्टिस अपने हिसाब से की थी क्योंकि वहां मेरे पास कोई कोच नहीं था. उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन के सीनियर, जूनियर, सीनियर सिविलियन व जूनियर सिविलियन में गोल्ड जीता. उन्होंने अंजुम मुदगिल को सीनियर कैटेगरी में हराया.

हॉकी के 6 नेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं, पिछले वर्ष बेस्ट गोलकीपर भी रहीं
बांधवी शूटिंग से पहले हॉकी खेलती थीं. उन्होंने छह नेशनल टूर्नामेंट में प्रदेश की टीम का अगुवाई किया. वे पिछले वर्ष बेस्ट गोलकीपर भी चुनी गई हैं. हॉकी छोड़ने पर उन्होंने बोला कि मैं खुद कुछ करना चाहती थी व हॉकी टीम गेम है. इसलिए शूटिंग को चुना. बांधवी के नाना 1965 व 1971 में पाक के विरूद्ध जंग में इंडियन आर्मी का भाग रहे हैं. वर्तमान आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत बांधवी सिंह के फूफाजी हैं.