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जडेजा और कुलदीप यादव ने विराट कोहली के कैच की जमकर की तारीफ,कहा…

 

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने हिंदुस्तान बनाम वेस्टइंडीज पहले वनडे के बाद रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव का एक वीडियो पोस्ट किया है. इस वीडियो में ये दोनों स्पिनर्स टीम इण्डिया की बहुत बढ़िया बॉलिंग के बारे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं. हिंदुस्तान के लिए इन दोनों बाएं हाथ के गेंदबाजों ने कुल 7 विकेट लेकर एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. इसके अतिरिक्त दोनों ही गेंदबाजों ने विराट कोहली के कैच की भी जमकर प्रशंसा की. वेस्टइंडीज की पारी के 18वें ओवर में विराट कोहली ने जबर्दस्त फील्डिंग की थी. जडेजा ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज रोमारियो शेफर्ड को आउट किया. शेफर्ड के बल्ले का किनारा लेकर गेंद दूसरी स्लिप पर खड़े विराट कोहली के दाएं तरफ गई, जिसे विराट कोहली ने डाइव लगाकर एक हाथ से लपका. इस कैच की क्रिकेट के गलियारों के अतिरिक्त सोशल मीडिया पर भी जमकर प्रशंसा हो रही है.

विराट के इस कैच के बारे में बात करते हुए जड्डू ने बोला ‘जैसा कि मैंने बोला विकेट से बॉल स्पिन हो रहा था. अच्छा लगता है कि लोगों की बॉलिंग पर मैं कैच पकड़ता हूं तो मेरी बॉल पर भी कोई इतना अच्छा कैच पकड़े. विराट ने बहुत ही अच्छा कैच पकड़ा था. वह एक लो और शार्प कैच था. गेंद को पकड़ने के लिए इतना टाइम नहीं मिला, बैट्समैन ने ड्राइव मारा और एक सेकंड से भी कम में गेंद उसके हाथ में जाकर लगा. मैं तो कहूंगा बहुत ही बढ़िया कैच था. शुभमन ने भी एक बढ़िया कैच पकड़ा, वो भी लो कैच था. ऐसी विकटों पर फील्डर्स का सपोर्ट रहेगा तब ही एक स्पिनर और बॉलर का कॉन्फिडेंस बूस्ट होता है. ऐसे ही हाफ चांस को कैच में कनवर्ट कर देने से बॉलर का कॉन्फिडेंस हाई हो जाता है.

रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव ने इस मैच में कुल 7 विकेट चटकाए. इसी के साथ बाएं हाथ की यह जोड़ी हिंदुस्तान की पहली ऐसी जोड़ी बनी है जिसने एक वनडे मैच में 7 या उससे अधिक विकेट लिए हो.

अपने बॉलिंग परफॉर्मेंस के बारे में बात करते हुए कुलदीप यादव ने बोला ‘फास्ट बॉलर्स ने अच्छी आरंभ दी थी. मुकेश का डेब्यू था उसने अच्छी गेंदबाजी की. आपकी बॉलिंग आई तो आपने भी शीघ्र जल्दी आउट कर दिए. तो बचे कुचे विकेट ही मुझे मिले.

वहीं रविंद्र जडेजा कहे ‘वैसे ही विकेट से अच्छा स्पिन मिल रहा था. एक बॉलिंग यूनिट होने के नाते जब एक स्पिन गेंदबाज गेंदबाज बॉलिंग प्रारम्भ करता है तो आइडिया लग जाता है कि बॉल कितना घूम रहा है और बाउंस कितना है. बस कोशिस हमारी यही थी कि रन कम देने हैं क्योंकि जैसे हमने दूसरी पारी में बल्लेबाजी की तो खेलना काफी कठिन लग रहा था. बॉल बैट पर आ नहीं रहा था और बहुत अधिक स्पिन हो रहा था. मेरे खयाल से एक बॉलिंग यूनिट के रूप में हम दोनों ने काम किया है.

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