योगी सरकार अब उत्तर प्रदेश के लोगो को फ्री में देंगे ये....

योगी सरकार अब उत्तर प्रदेश के लोगो को फ्री में देंगे ये....

उत्तर प्रदेश में दिन-ब-दिन बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए योगी सरकार अब उत्तर प्रदेश को बिजली उत्पादन की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने की कवायद में जुट गई है।

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इसी क्रम में गुरुवार को सूबे के ऊर्जामंत्री मंत्री श्रीकांत शर्मा ने 24 घंटे बिजली देने के लिए ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन तापीय विद्युत परियोजनाओं और पारेषण इकाइयों की समीक्षा की। इस दौरान ऊर्जामंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए न सिर्फ लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए, बल्कि ऊर्जा विभाग में करप्शन रोकने के लिए अधिकारियों व ठेकेदारों को भी कमीशन न लेने व न देने की शपथ दिलाई।

नाराज ऊर्जामंत्री, अधिकारी को नोटिस

ऊर्जामंत्री ने सबसे पहले हरदुआगंज (1×660 मेगावाट), जवाहरपुर (2×660 मेगावाट), ओबरा सी (2×660 मेगावाट), पनकी (1×660 मेगावाट), मेजा (2×660 मेगावाट) वघाटमपुर (3×660 मेगावाट) की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान ऊर्जामंत्री ने बॉयलर के मैटेरियल आपूर्ति व इरेक्शन की धीमी प्रगति जैसे कार्यो पर न सिर्फ नाराजगी जाहिर की, बल्कि डायरेक्टर वर्क व प्रोजेक्ट डायरेक्टर वर्क एवं प्रोजेक्ट आरपी दुबे के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस दिए जाने का आदेश दे दिया।

समीक्षा के दौरान ऊर्जा मंत्री ने बोला की परियोजनाएं निर्धारित समय से पूरी हो, इसके लिए युद्ध स्तर पर काम किया जाए। किसी तरह की कोई समस्या हो, तो उसका तत्काल निवारणकिया जाए, जिससे परियोजना में कोई देरी न हो नहीं तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एक इंजीनियर को प्रतिकूल प्रविष्टी, एक को चेतावनी

ऊर्जा मंत्री ने इसके साथ ही 100 करोड़ से ऊपर की निर्माणाधीन पारेषण इकाइयों की समीक्षा के दौरान गाजीपुर के अधीक्षण अभियंता (पारेषण) वीरेंद्र यादव को लापरवाही पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने और उत्तर पूर्व क्षेत्र के मुख्य अभियंता (पारेषण) पी। एन उपाध्याय को मेंटेनेंस की धीमी प्रगति पर चेतावनी जारी करने का आदेश दिया।

ऊर्जामंत्री ने इस दौरान सभी मुख्य अभियंताओं को 15 दिन में परियोजनाओं का आकस्मिक निरीक्षण करने, कार्यों में तेजी के साथ इसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के आदेशदिए। ऊर्जामंत्री ने निर्माणाधीन इकाइयों की एप्रोच रोड, बाउंड्री वॉल, कंट्रोल रूम जीआईएस हॉल, तथा मेन फाउंडेशन आदि सिविल कार्यों में लापरवाही पर संबंधित अभियंताओं के विरूद्ध कार्रवाई के आदेश दिए। व साथ ही समयबद्धता और गुणवत्ता का पालन न करने वाली कार्यदायी संस्थाओ के विरूद्ध भी कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई के आदेश दिए।

शीर्ष अधिकारियों व ठेकेदारों को दिलाई ये शपथ

आखिर में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ऊर्जा विभाग में करप्शन रोकने के लिए ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ ठेकेदारों को कमीशन न लेने व न देने की शपथ दिलाई। व साथ ही ये भी साफ कर दिया कि प्रदेश सरकार करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। सरकार योजनाओं का फायदा लोगों को समय से देना चाहती है। सरकार की मंशा अनुरूप काम कर, सभी कमियों को शीघ्र दूर किया जाए।

उन्होंने बोला कि पूर्व की सरकारों में जो खेल चलता था, वैसा अब नहीं चलेगा। अब कमीशन खोरी नहीं चलेगी, लेन-देन का कारोबार बंद करना होगा। प्रदेश को आगे ले जाने के लिए काम संस्कृति में सुधार करना होगा। जो भी काम किया जाए, वह स्थाई व टिकाऊ हो। वरना अब इस सरकार में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।