वार्नर के बैट सेंसर ने इस बात का किया बड़ा दिलचस्प खुलासा

वार्नर के बैट सेंसर ने इस बात का किया बड़ा दिलचस्प खुलासा

वर्ल्ड कप 2019 में मुकाबला कितना कड़ा है, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि खिलाड़ी इसके लिए अपनी तैयारियों को भी नए सिरे से अंजाम देने में लगे हैं। दुनियाभर के गेंदबाजों में खौफ पैदा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के ओपनर डेविड वार्नर भी अलग तरह से वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटे हैं।



दरअसल, वार्नर ने एक्सरसाइज के दौरान अपने बैट में कुछ तकनीकी परिवर्तन किए हैं। उन्होंने बैट में एक नयी डिवाइस लगाई है, जिसे बैट सेंसर कहते हैं। इस डिवाइस के जरिये खिलाड़ी की बैक लिफ्ट व बल्ले की गति जैसा डाटा स्टोर किया जाता है। बंगलूरू स्थित स्मार्ट क्रिकेट कंपनी ने इस डिवाइस को बनाया है।

बुमराह के विरूद्ध वार्नर का होमवर्क
वार्नर ने इस सेंसर का प्रयोग अपने बैट में किया है, ताकि वह उसके जरिये सामने आने वाले डाटा का प्रयोग भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों का सामना करने के लिए कर सकें। वार्नर के बैट सेंसर ने इस बात का बड़ा दिलचस्प खुलासा किया है कि बुमराह का सामना करने के लिए वे किस तरह की तैयारी कर रहे हैं। उदाहरण के लिए बुमराह की यॉर्कर का सामना करने के लिए बैट की स्पीड 70-75 किलोमीटर प्रति घंटे की होनी चाहिए, लेकिन वार्नर 85-90 किमी प्रति घंटे की स्पीड निकालने का एक्सरसाइज कर रहे हैं। वहीं, बुमराह का एक्‍शन जिस तरह का है, उसके हिसाब से बैक लिफ्ट का एंगल 120-125 डिग्री होना चाहिए व बल्ला पहली स्लिप की ओर से नीचे की ओर आना चाहिए। जबकि भुवनेश्वर कुमार के विरूद्ध बल्ला विकेटकीपर की लाइन में होना चाहिए। स्पिनर के विरूद्ध बैक लिफ्ट का एंगल कम से कम 160 डिग्री व अधिक से अधिक 175 डिग्री होना चाहिए।

आईसीसी ने 2017 में ही दे दी थी अनुमति
बहुत कम लोगों को पता होगा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बैट सेंसर के प्रयोग को दो वर्ष पहले 2017 में ही अनुमति दे दी थी। मगर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को छोड़ दें तो अन्य किसी टीम ने इसका अधिक प्रयोग नहीं किया है।