फरवरी से लागू हुआ TRAI का नया केबल टीवी और DTH नियम, पढ़े पूरी खबर

फरवरी से लागू हुआ TRAI का नया केबल टीवी और DTH नियम, पढ़े पूरी खबर

इस साल फरवरी से TRAI का नया केबल टीवी और DTH नियम लागू कर दिया गया है. इस नए नियम के लागू होने के बाद से अब यूजर्स उन्हीं चैनल्स के लिए भुगतान करेंगे जो वो देखते हैं. नए नियम के मुताबिक, सभी सब्सक्राइबर्स को अपने हिसाब से चैनल चुनने की आजादी है.

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इसके लिए यूजर्स को मिनिमम Rs 130 का मासिक भुगतान (बिना टैक्स के) करना होता है. लोकसभा के शुरू हुए मानसून सत्र में I&B मिनिस्ट्री ने बताया कि TRAI के नए केबल टीवी और DTH नियम से यूजर्स को मैट्रो सिटी में हर महीने 10 से 15 फीसद की बचत हो रही है. नव निर्वाचित लोकसभा में I&B मिनिस्ट्री की तरफ से यह बताया गया है कि नया नियम देश भर के करोड़ों उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचा रहा है. इस नए नियम को पिछले साल जुलाई में ही लागू करना था लेकिन अंतह इस साल फरवरी-मार्च में नियम को लागू कर दिया गया.

इस मामले मे I&B मिनिस्ट्री ने अपने बयान मे कहा कि TRAI के इस नए नियम से न सिर्फ मैट्रो शहरों के यूजर्स को फायदा हुआ है बल्कि इस नए नियम का फायदा सेमी मैट्रो शहरों के यूजर्स को भी हुआ है. इन सभी यूजर्स को मासिक रेंट में 5 से 10 फीसद की कमी आई है. लोकसभा में एम के राघवन द्वारा पूछे गए सवाल के जबाब में I&B मिनिस्ट्री ने यह आंकड़ा दिया.TRAI के रिपोर्ट के मुताबिक, इस नियम के लागू होने के बाद प्रिलिमनरी डाटा का विशलेषण करने पर यह पता चला है कि मैट्रो शहरों में सब्सक्राइबर्स को 10 से 15 फीसद की बचत हो रही है जबकि नॉन-मैट्रो शहरों के सब्सक्राइबर्स को 5 से 10 फीसद की बचत हो रही है.

प्राप्त जानकारी के ​अनुसार TRAI के इस नए नियम के लागू होने के बाद नेटवर्क कैपेसिटी फी (NFC) के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा देना पड़ रहा है. इन रिपोर्ट्स के आने के बाद TRAI के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा कि इस तरह के रिसर्च रिपोर्ट टीवी डिस्ट्रिब्यूशन मार्केट को बिना समझे ही तैयार किए गए हैं. I&B मिनिस्ट्री ने लोकसभा में यह भी बताया कि TRAI ने उपभोक्ताओं की मदद करने के लिए कुछ कदम भी उठाए हैं. इसमें यूजर्स को चैनल्स का चुनाव करने के लिए वेबसाइट, टीवी पर कस्टमर केयर चैनल नंबर 999 एवं कॉल सेंटर के जरिए मदद की जा रही है. यूजर्स को चैनल का चुनाव करने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए चैनल सिलेक्टर ऐप भी वेबसाइट पर जारी किया गया. इस ऐप की मदद से यूजर्स चैनल्स का चुनाव करने के बाद एक महीने में आने वाले खर्च का अनुमान लगा सकते हैं.