प्रदेश के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को दी यह चेतावनी

प्रदेश के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को दी यह  चेतावनी

महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान के बीच शिवसेना (Shiv Sena) का अपने सहयोगी दल बीजेपी (BJP) पर लगातार हमला जारी है। एक बार फिर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए भाजपा को शब्दबाण से घायल करने की प्रयास की है। अखबार के संपादकीय में प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील को भी आड़े हाथों लिया है। साथ ही प्रदेश के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को भी चेतावनी दी है।

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'सामना' ने संपादकीय में लिखा, ''परमपिता परमेश्वर कुछ भूल हुई होगी तो माफ करना। कार्तिक एकादशी के उपलक्ष्य में चंद्रकांत पाटील ने ऐसी प्रार्थना भगवान पांडुरंग से की है। इस पर ‘परमपिता परमेश्वर’ क्या जवाब देंगे? क्या भूल हुई, क्या पाप किया, ये पूरा महाराष्ट्र देख रहा है। पाप अधिक हो गए इसलिए पहले ‘सूखा’ बाद में अतिवृष्टि से किसान बर्बाद हो गए। क्या भूल हुई ये अपने ही दिल से पूछो, पांडुरंग का इतना ही बोलना होगा। ''

असमंजस समाप्त नहीं हुआ
शिवसेना के मुखपत्र ने आगे लिखा, ''महाराष्ट्र में आज भी सत्ता स्थापना का असमंजस समाप्त नहीं हुआ व इसका ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ने का खेल चल रहा है। विगत 7 सालों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए व उनमें हर बार बीजेपी ने पहले सत्ता स्थापित करने का दावा पेश किया। गोवा व मणिपुर में तो सबसे बड़ी पार्टी को नजरअंदाज करके बीजेपी ने राज्यपालों के सक्रिय योगदान से सत्ता स्थापना का दावा किया, यह खुला सत्य है। लेकिन महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी सत्ता स्थापना का दावा नहीं करती है। ''

राष्ट्रपति शासन का 'डर' दिखाया जा रहा
अखबार ने लिखा कि विधानसभा की मियाद 8 नवंबर को समाप्त हो गई। इस दौरान कोई भी सरकार नहीं बनी तो राष्ट्रपति शासन लागू होगा आदि ‘डर’ दिखाया जा रहा था। फिर भी इसमें सच्चाई नहीं है।