नकसीर आने से हो सकती है ये समस्या

नकसीर आने से हो सकती है ये समस्या

नाक से खून आने की समस्या वैसे तो किसी भी मौसम में हो सकती है. लेकिन गर्मियों में इसके मुद्दे बढ़ जाते हैं. फिर चाहे बच्चे हों या बड़े.

Image result for नाक से खून आने

इसके प्रमुख कारणों में से एक कारण शरीर का तापमान बढ़ने से दिमाग तक पहुंची गर्मी है. इसके साथ ही गर्म चीजों को अधिक मात्रा में खाने से भी कई बार नाक से खून बहने लगता है.

यह है समस्या -
नाक से खून आने यानी नकसीर की समस्या को डॉक्टरी भाषा में एपिसटैक्सिस कहते हैं. नाक के पास एक खास स्थान होती है जिसमें ब्लड सप्लाई ज्यादा रहती है. इस हिस्से में जब लोकल इंजरी यानी किसी कारण चोट लग जाए, ट्रॉमा (नाक साफ करते समय नाखून लगना), ब्लड प्रेशर अत्यधिक होने से यहां की रक्तनलिकाएं खुल जाती हैं जिससे ब्लीडिंग होने लगती है. कई बार क्रॉनिक साइनुसाइटिस के कारण भी आदमी को नकसीर आ सकती है. इसमें अंदरुनी रूप से कोई परेशानी नहीं होती है, यह बाहरी रूप से होने वाली समस्या है. लंबे समय तक जिन्हें जुकाम रहता है उनमें अक्सर नकसीर आ जाती है जो क्रॉनिक नकसीर कहलाती है. वहीं कभी-कभार या आकस्मित आने वाली नकसीर, एक्यूट कहलाती है.

इनको ज्यादा खतरा-
सामान्य संक्रमण, बार-बार अंगुली डालकर नाक साफ करने, हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर बढ़ने या रक्त पतला करने वाली दवाएं लेने वाले रोगी को नकसीर की संभावना ज्यादा रहती है. कई मामलों में आईटीपी (इडियोपैथिक थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक परप्यूरा) में प्लेटलेट्स घटने व ब्लड कैंसर आदि रोग में भी यह समस्या लक्षण के रूप में हो सकती है. ऐसा कुछ ही मामलों में होता है. हिमोफीलिया ए और बी बीमारी में रक्त ठीक से जम नहीं पाता है. स्त्रियों की तुलना में यह समस्या पुरुषों में ज्यादा होती है. ऐसे में नाक में हल्की चोट लगने से भी ब्लीडिंग हो जाती है.