बालाकोट एयरस्‍ट्राइक के बाद बौखलाया हुआ है पाक

बालाकोट एयरस्‍ट्राइक के बाद बौखलाया हुआ है पाक

बेहद ताकतवर मंगलवार को हिंदुस्तान को मिल गया है। ने फ्रांस (France) के मेरिनियाक में स्थित दसॉ एविएशन के प्‍लांट (dassault aviation) में पहले राफेल लड़ाकू विमान (Rafale) को रिसीव किया। उन्‍होंने लड़ाकू विमान की विधिवत पूजा की व उसमें उड़ान भरी। लेकिन हिंदुस्तान की इस ऊंची उड़ान व बढ़ती ताकत को देखकर पाकिस्‍तान (Pakistan) जल रहा था। हर बार की तरह उसने अपनी भड़ास निकालने के लिए माइक्रोब्‍लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर का सहारा लिया।



पाकिस्‍तान ने ट्विटर पर चलाया प्रोपेगैंडा
पाकिस्‍तान की ओर से ट्विटर पर कई फर्जी एकाउंट व ट्विटर हैंडल के माध्‍यम से हिंदुस्तान विरोधी प्रोपेगैंडा चलाया गया। पाकिस्‍तानी फर्जी ट्विटर हैंडल की ओर से हिंदुस्तान विरोधी हैशटैग भी चलाए गए। इनमें करीब 70 हजार से अधिक ट्वीट व रिट्वीट किए गए। पाकिस्‍तान ने हिंदुस्तान के कुछ विमान हादसों की फोटो भी शेयर कीं। पाकिस्‍तान इस कदर हिंदुस्तान के राफेल लड़ाकू विमान से जला हुआ है कि अपनी वायुसेना को बेहतर बता रहा था। जबकि हिंदुस्तान की वायुसैन्‍य शक्ति के आगे वह कहीं नहीं ठहरता है।


भारतीय वायुसेना की ओर से फरवरी में बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों पर की गई एयरस्‍ट्राइक के बाद से पाकिस्‍तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्‍तान की ओर से ट्विटर पर प्रोपेगैंडा चलाया जाता है। हाल ही में पाकिस्‍तान ने हिंदुस्तान के शीर्ष अफसरों के फर्जी एकाउंट भी बनाए थे। हिंदुस्तान की ओर से की गई शिकायत के बाद ट्विटर ने ऐेसे करीब 50 फर्जी एकाउंट को बंद कर दिया था।

पाकिस्‍तान के पास नहीं है राफेल लड़ाकू विमान का तोड़
बता दें कि हिंदुस्तान फ्रांस की दसॉ एविएशन कंपनी से कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान लड़ाकू विमान खरीद रहा है। हिंदुस्तान के पास राफेल लड़ाकू विमान आ जाने से पाकिस्‍तान को बड़ा झटका लग रहा है। क्‍योंकि उसके पास इसकी टक्‍कर का कोई लड़ाकू विमान नहीं है। उसके पास एफ-16 लड़ाकू विमान है, जो कि राफेल लड़ाकू विमान के आगे कहीं नहीं ठहरता है। राफेल लड़ाकू विमान 4.5 जनरेशन का लड़ाकू विमान है। यह रडार को भी चकमा देने में सक्षम है।

'राफेल आक्रामकता नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का हिस्सा'
फ्रांस में पहला राफेल लड़ाकू विमान लड़ाकू विमान रिसीव करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'भारत किसी अन्य देश को धमकाने के लिए हथियार नहीं खरीदता है। राफेल लड़ाकू विमान आक्रामकता नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का भाग है। रक्षामंत्री ने बोला कि 36 लड़ाकू विमानों में से 18 विमान फरवरी 2021 तक सौंप दिए जाएंगे, जबकि शेष विमान अप्रैल-मई 2022 तक सौंपे जाने की उम्मीद है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने राफेल लड़ाकू विमान विमान (Rafale Jet) में अपनी उड़ान को बहुत कंफर्टेबल व सरल बताया है। उन्होंने बोला कि यह विमान इंडियन आर्मी की लड़ाकू क्षमता को बेहद बढ़ाएगा। उन्होंने राफेल लड़ाकू विमान में अपनी उड़ान को यादगार व ज़िंदगी में कभी न भूलने वाला लम्हा बताया है।

राफेल विमान क्या है?
राफेल लड़ाकू विमान एक फ्रांसीसी कंपनी डस एविएशन निर्मित दो इंजन वाला मध्यम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) है। राफेल लड़ाकू विमान लड़ाकू विमानों को 'ओमनिरोल' विमानों के रूप में रखा गया है, जो कि युद्ध में अहम भूमिका निभाने में सक्षम हैं। राफेल लड़ाकू विमान लड़ाकू विमान वायु वर्चस्व, हवाई हमला, जमीनी समर्थन, भारी हमला व परमाणु प्रतिरोध करने में बखूबी सक्षम है।

भारत को मिलने वाले राफेल लड़ाकू विमान लड़ाकू विमानों में कुछ खास परिवर्तन किए गए हैं:-

>>भारत के लिए राफेल लड़ाकू विमान विमानों में इजरायल के हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले लगवाए गए हैं।

>>इनमें रेडार वॉर्निंग रिसीवर्स भी लगे हैं।

>>फ्लाइट का डेटा मेंटन करने के लिए राफेल लड़ाकू विमान में डेटा रिकॉर्डिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं, जिससे 10 घंटे का डेटा रिकॉर्ड होने कि सम्भावना है।

>>इसके अलावा, हिंदुस्तान को मिलने वाले राफेल लड़ाकू विमान जेट में लो बैंड के जैमर्स लगाए गए हैं।

>>वहीं, इसके ट्रैकिंग सिस्टम व इंफ्रा रेड सर्च को भी मोडिफाई किया गया है।