कर्नाटक में अब MLAs ही बचा सकते हैं कुमारस्वामी की सरकार को, जानिए कैसे...

कर्नाटक में अब MLAs ही बचा सकते हैं कुमारस्वामी की सरकार को,  जानिए कैसे...

कर्नाटक में पिछले 20 दिन से सियासी नाटक का आज क्लाइमेक्स होने कि सम्भावना है। आज कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार के मुखिया यानी सीएम कुमारस्वामी विधानसभा में बहुमत साबित करने वाले हैं। स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कुमारस्वामी-सिद्धारमैया को फ्लोर टेस्ट के लिए शाम 6 बजे तक का वक्त दिया है।

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दरअसल, कांग्रेस पार्टी के 13 व जेडीएस के 3 विधायकों के इस्तीफे के बाद कुमारस्वामी सरकार मुसीबत में हैं। कांग्रेस पार्टी के इन विधायकों के इस्तीफे के पीछे उपमुख्यमंत्री जी।परमेश्वर को कथित रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये सभी विधायक डिप्टी मुख्यमंत्री से खुश नहीं हैं। बागी विधायकों में बेंगलुरु क्षेत्र से आने वाले चार विधायक- एसटी सोमशेखर, बी बासवराजू, एन मुनिरत्ना व रामलिंगा रेड्डी सबसे अहम माने जा रहे हैं। ऐसा बोला जा रहा है कि परमेश्वर से उनके व्यक्तिगत विरोध को सुलझाया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो ये चार बागी विधायक भाजपा की मदद करने से पीछे हट सकते हैं।

कांग्रेस पार्टी सूत्रों का बोलना है कि इन चार विधायकों को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार से कोई परेशानी नहीं है। परमेश्वरा से व्यक्तिगत खुन्नस के चलते इन्होंने त्याग पत्र देने का कदम उठाया। ऐसे में इस बात के संभावना हैं कि अगर डिप्टी मुख्यमंत्री परमेश्वरा इन चार विधायकों से बैठकर आपस में मुद्दा सुलझा लेते हैं, तो उनका त्याग पत्र शायद विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा मंजूर करने की नौबत ही न आए। बता दें कि ये सभी विधायक कांग्रेस पार्टी विधायक दल के नेता सिद्धारमैया के करीबी हैं। 'टाइम्स ऑफइंडिया ' की समाचार के मुताबिक, विधायकों के पालाबदल की प्रयास से जुड़े एक भाजपा नेता का बोलना है कि बेंगलुरु के बागी कांग्रेस पार्टी विधायकों व भाजपा के बीच भरोसे की कमी हो सकती है, लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि परमेश्वर से उनकी व्यक्तिगत खुन्नस उससे ज्यादा है जितनी बताई जा रही है। ऐसे में हमें इसका लाभ मिल सकता है।