चाइना में पाक कर्मचारीयो को अब फ्री में मिलेगी ये सुविधा

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वर्तमान वित्त साल की दूसरी तिमाही में चाइना की आर्थिक वृद्धि की गति पिछले तीन दशक में सबसे कम रही. अमेरिका व चाइना के बीच चल रहे व्यापार युद्ध व वैश्विक स्तर पर मांग की कमी का प्रभाव चाइना पर पड़ा है.

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अर्थव्यवस्था की सुस्त गति के कारण भी चाइना के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अमेरिका के विरूद्ध लड़ने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं.

6.2 प्रतिशत रही जीडीपी वृद्धि की रफ्तार

चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि की गति 6.2 प्रतिशत रही. यह 27 वर्ष में सबसे कम है. इससे कम ग्रोथ 1992 की जनवरी-मार्च तिमाही में दर्ज की गई थी. हालांकि, जीडीपी के यह आंकड़े सारे वर्ष के लिए सरकार के छह से 6.5 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप हैं.

अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर

इस संदर्भ में एनबीएस के प्रवक्ता माओ शेंगयोंग ने बोला कि, 'घरेलू एवं विदेशी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी आ रही है वबाह्य अस्थिरता एवं अनिश्चितताएं बढ़ रही हैं.'

अमेरिका से व्यापार युद्ध का असर

चीन का वैसे अमेरिका से व्यापार युद्ध चल रहा है. इससे उद्योगों पर बहुत ज्यादा प्रभाव देखने को मिल रहा है. पिछले तीन महीनों में सिंगापुर की विकास दर केवल 3.4 प्रतिशत रह गई, जो कि 2012 के बाद के सबसे निचले स्तर पर है. वहीं चाइना का आयात भी पिछले वर्ष के मुकाबले 1.3 प्रतिशत घट गया है. निर्यात डाटा में भी 7.3 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. वहीं दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था भी इस वर्ष के पहली तिमाही में बहुत ज्यादा घट गई थी.

चलता रहा व्यापार युद्ध तो बेकार होगी स्थिति

अगर अमेरिका का चाइना से ऐसे ही व्यापार युद्ध चलता रहा, तो आने वाले समय में इसके भयंकर परिणाम देखने को मिल सकते हैं. वैसे इसके सुलझने के भी किसी तरह की कोई आशा की किरण भी देखने को नहीं मिल रही है.