हरियाणा में अब नहीं ख़रीदे जायेंगे ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट, जानिए ये है वजह

हरियाणा में चल रहे सरकारी फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों को अब नए ट्रेनिंग विमान नहीं मिल पाएंगे, क्योंकि सरकार ने प्रस्ताव टाल दिया है. नए ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट खरीदने को लेकर करीब चार वर्ष से चल रही प्रक्रिया पर वैसे विराम लग गया है. यह खरीद प्रक्रिया अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित रहेगी व इससे संबंधित फाइल भी ठंडे बस्ते में चली गई है.

हरियाणा में फ्लाइंग ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को अब पुराने एयरक्राफ्ट पर ही ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी. एडवांस एयरक्राफ्ट पर उनकी ट्रेनिंग की उम्मीद अब लगभग समाप्त हो चुकी है. प्रदेश में चलने वाला फ्लांइग ट्रेनिंग क्लब ‘हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन’ के नाम से संचालित है.

प्रदेश में तीन इंस्टीट्यूट कालका केपिंजौर, करनाल व हिसार में स्थित है. पिंजौर इंस्टीट्यूट की गिनती तो देश के उम्दा फ्लाइंग ट्रेनिंग क्लबों में होती है. जबकि करनाल फ्लाइंग क्लब का प्रदर्शन भी अपेक्षाकृत बेहतर है. मगर हिसार स्थित फ्लाइंग क्लब पिछले लगभग एक वर्ष से बंद पड़ा है.

हरियाणा में स्थित इन फ्लाइंग ट्रेनिंग क्लबों के लिए तीन एडवांस ट्रेनिंग एयरक्राफ्टस खरीदे जाने थे. विभागीय सूत्रों के अनुसार ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट्स खरीदने के प्रस्ताव पर सीएमहरियाणा की सैद्धांतिक मंजूरी भी हो गई थी व इसके लिए करीब 14 करोड़ के बजट का प्रावधान भी कर दिया गया था.

लेकिन विभाग के आला अफसरों द्वारा आकस्मित सूबे के फ्लाइंग ट्रेनिंग क्लबों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर चलाने की सिफारिश करने के बाद न केवल यह खरीद लटक गई, बल्कि अब तो सरकार ने इस प्रस्ताव को ही टाल दिया है.

हरियाणा सरकार ने साल 2008 के बाद से अभी तक अपने फ्लाइंग क्लबों के लिएकोई भी नया फ्लाइंग ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट नहीं खरीदा है. हरियाणा के तीनों फ्लाइंग क्लबों हिसार, करनाल व पिंजौर में अभी पेट्रोल वाले 7 सिंगल इंजन सेसना एयरक्राफ्ट उपस्थित हैं. जबकि तीनों फ्लाइंग क्लबों में आवश्यकता 12 एयरक्राफ्टस की है.

अब लंबे समय के बाद हरियाणा सरकार अपने फ्लाइंग बेड़े में 3 व एयरक्राफ्ट (1 डबल व 2 सिंगल इंजन) शामिल करने की तैयारी कर रही थी. डबल इंजन एयरक्राफ्ट पाइपर सेनिका व सिंगल इंजन एयरक्राफ्ट 172 सेसना जेटीए खरीदे जाने थे.

ये एयरक्राफ्ट डीजल वर्जन के थे, ताकि अपेक्षाकृत ईंधन खर्च भी कम हो. डबल इंजन एयरक्राफ्ट आने के बाद फ्लाइंग ट्रेनिंग के इच्छुक युवाओं को एडवांस ट्रेनिंग मिलती, क्योंकि अभी डबल इंजन एयरक्राफ्ट की ट्रेनिंग के लिए युवाओं को दूसरे राज्यों के फ्लाइंग क्लबों या विदेशों का रूख करना पड़ता था.