सोनभद्र में सामूहिक हत्याकांड मामले के बाद धरने पर बैठी प्रियंका गांधी, उठे ये सवाल

सोनभद्र में सामूहिक हत्याकांड मामले के बाद धरने पर बैठी प्रियंका गांधी, उठे ये सवाल

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मिर्जापुर में प्रशासन ने रोक लिया। कांग्रेस का दावा है कि प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अदलहाट क्षेत्र के नारायनपुर में खुद को रोके जाने के विरोध में प्रियंका धरना पर बैठ गयीं। बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया और वहां पर भी प्रियंका गांधी ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। उनका कहना है कि वे पीड़ित परिवार वालों से मिले बिना नहीं जाएंगी।

हालांकि, इस बीच जगह-जगह कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना पर राहुल गांधी ने अपने प्रतिक्रिया दी है और उनके हिरासत को परेशान करने वाला बताया है। प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने और पीड़ित परिवारों से नहीं मिलने दिए जाने की घटना पर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता भड़क उठे हैं। जगह-जगह कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता प्रदर्शऩ कर रहे हैं और योगी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं। उत्तराखंड से लेकर बरेली और यूपी के अन्य जगहों पर कांग्रेसियों ने सरकार के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किया।

1. राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''सोनभद्र में प्रियंका की गैरकानूनी गिरफ्तारी परेशान करने वाली है। वह उन 10 आदिवासियों के परिवारों से मिलने जा रही थीं जिनकी अपनी जमीन छोड़ने से इनकार करने पर निर्मम हत्या कर दी गई। उन्हें रोकने के लिए सत्ता का मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया गया है। इससे भाजपा सरकार की बढ़ती असुरक्षा का पता चलता है।

2. इससे पहले समाचार एजेंसी के मुताबिक, अगर वह गिरफ्तार कर ली जाती हैं तो, इस पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि हां, हम अभी झुकेंगे नहीं। हम शांति के साथ पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे। मुझे नहीं पता कि ये लोग कहां ले जा रहे हैं. हम लोग कहीं भी जाने के लिए तैयार हैं।'

3. इससे पहले प्रियंका गांधी सोनभद्र गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए वाराणसी के एक अस्पताल पहुंची थीं। जब उन्होंने सोनभद्र जाने की कोशिश की तो प्रशासन ने उन्हें अदलहाट क्षेत्र में रोक लिया। इसके विरोध में प्रियंका अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गई और खुद को रोके जाने के लिखित आदेश दिखाने की मांग की।

4. पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। हालांकि चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी फिर धरने पर बैठ गईं और कहा कि जब तक उन्हें पीड़ित परिवारों से नहीं मिलने दिया जाता है तब तक वह वापस नहीं जाएंगी.

5. प्रियंका ने इस दौरान कहा कि वह सोनभद्र में हुई वारदात में मारे गए लोगों के परिवार के लोगों से मिलने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जा रही थीं लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक लिया। वह चाहती हैं कि उन्हें जाने से रोकने का लिखित आदेश उन्हें दिखाया जाए।

6. अदलहाट के थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रियंका को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया जा रहा है। प्रियंका ने धरने के दौरान कहा कि उन्होंने प्रशासन से कहा था कि वह पीड़ितों से मिलने के लिए सिर्फ 4 लोगों के साथ भी सोनभद्र जाने को तैयार हैं, मगर इसके बावजूद ना जाने क्यों उन्हें रोक लिया गया।

7. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सोनभद्र में जिन लोगों पर गोलियां बरसायी गयीं, उनका क्या कुसूर था। उन्होंने अपने अधिकारों के लिये लड़ाई लड़ी बस, अपनी जमीन जो पुश्तों से वे जोत रहे थे, उसको हड़पा जा रहा है। प्रियंका ने कहा कि सोनभद्र मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की नाकामी खुलकर सामने आयी है। रोज हत्याएं हो रही हैं। ऐसा लगता ही नहीं कि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।

8. कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से रोकने पर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की 'खुलेआम अपमान' है।

9. क्या है मामला: 17 जुलाई को सोनभद्र के उभ्भा गांव में 112 बीघा खेत के लिए दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था। लगभग चार करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी। इस हादसे में 25 अन्य लोग घायल हो गए थे।

10. कैसे हुआ था मामला: सोनभद्र उम्भा गांव में 112 बीघा खेत जोतने के लिए गांव का प्रधान यज्ञदत्त गुर्जर 32 ट्रैक्टर लेकर पहुंचा था। इन ट्रैक्टरों पर लगभग 60 से 70 लोग सवार थे। यह लोग अपने साथ लाठी-डंडा, भाला-बल्लम और राइफल और बंदूक लेकर आए थे। गांव में पहुंचते ही इन लोगों ने ट्रैक्टरों से खेत जोतना शुरू कर दिया। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो यज्ञदत्त और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर लाठी-डंडा, भाला-बल्लम के साथ ही राइफल और बंदूक से भी गोलियां चलानी शुरू कर दी।