कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए खुली कंपनियां लगातार कर रहीं है ऐसे फ्राड

कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए खुली कंपनियां लगातार कर रहीं है ऐसे फ्राड

कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए खुली कंपनियों पर जब सरकार का डंडा चला तो ज्यादातर बंद हो गई पर उसके बाद भी कई कंपनियां रही जो चोरी छिपके काम करती रही। ऐसे ही एक कंपनी का खुलासा कर्नाटक में हुआ है। जहां कंपनी को इस्लाम का सहारा लेकर चलाया गया और चालीस हजार मुसलमानों को करीब 2000 करोड़ की चपत लगाया गया। कंपनी के प्रमुख मंसूर खान को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया।

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मंसूर खान ने बड़ी ही होशियारी से चिटफंड की दुनिया में कदम रखते हुए आईएमए यानी आई मॉनिटिरी एडवाजयरी ज्वैलर्स के नाम से एक बैंक खोली। 2006 से इस चिटफंड के गोरखधन्धे को वह चलाता रहा। उसने शुरुआती दिनों में लोगों को लालच दिया। काम न बनता देख उसने इसे इस्लाम से जोड़ दिया और हलाल इनवेस्टमेंट बना दिया। चूंकि इस्लाम में हलाल पवित्र है इसलिए लोगों को भरोसा दिलाने में इस ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी।

इस बीच मंसूर खान ने तमाम इस्लामिक धर्म गुरुओं, मौलानाओं को अपने से जोड़ लिया, उनके साथ खिंचाई गई फोटो को वह अपने बिजनस में प्रयोग करने लगा। उसका बिजनेस चल पड़ा। शुरुआती दिनों में उसने लोगों को वादे के अनुरूप पैसे को दोगुना करके दिया। इससे लोगों को और भरोसा हुआ और फिर उस भरोसे को उसने एक झटके में तोड़ते हुए 40 हजार से ज्यादा ग्राहकों को करीब 2000 करोड़ रुपए उड़ाकर दुबई फरार हो गया।

एसआईटी और ईडी ने आखिर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले उसने एक ऑडियो जारी किया जिसमें उसने खुद को धोखा खाया हुआ बताया साथ ही आत्महत्या करने की भी बात कही। उसने कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाया कि कंपनी का 400 करोड़ उन्होंने अपने पास रख लिया जिसे बार-बार मांगने पर भी वापस नहीं किया जिससे कंपनी टूट गई।