आइये जानते है, स्वास्थ्य के लिए भुजंगासन के फाएदे

आइये जानते है, स्वास्थ्य के लिए भुजंगासन के फाएदे

पेट के बल लेट जाएं. इसके बाद पैरों को सीधा व लंबा कर आराम देते हुए फैलाएं. हथेलियों को जमीन पर टिकाएं. ध्यान रखें कि इस दौरान जमीन और हथेलियों के बीच गैप बिल्कुल न हो. साथ ही हथेलियां कंधे के बराबर होनी चाहिए. इसके बाद सिर को जमीन पर लगाकर आंखों को बंद कर लें व सांस भरते हुए ठोड़ी को ऊपर उठाएं. ऐसा करते हुए धीरे-धीरे पहले गर्दन को आसमान की ओर उठाएं व फिर पेट वाले हिस्से को ऊपर उठाएं. क्षमतानुसार इस मुद्रा में कुछ देर बने रहें व पैर सीधे रखें.


फायदे : इसे पाचनतंत्र, रीढ़ की हड्डी, कमर आदि से जुड़े रोगों में नियमित कर सकते हैं. यह स्त्रियों में अनियमित माहवारी को सामान्य करता है.
ध्यान रखें : जिसकी पूर्व में पेेट व कंधे से जुड़ी किसी प्रकार की सर्जरी हो चुकी हो, वे इसे न करें. गर्भवती महिला इसे करने से बचें.
संपूर्ण व्यायाम कहे जाने वाले सूर्यनमस्कार में भुजंगासन का सातवां क्रम आता है.