प्रधानमंत्री से मिली कोडरमा के सांसद अन्नपूर्णा देवी, विभिन्न मांगों से भरा ज्ञापन सौंपा

प्रधानमंत्री से मिले सांसद संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, सुनील सोरेन और विद्युतवरण महतो रांची में रेलवे जोन और एचइसी के पुनरुद्धार की मांग की मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की बात की कोडरमा। सांसद संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, सुनील सोरेन और विद्युतवरण महतो ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर कई मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौपा। सांसदों ने प्रधानमंत्री से रांची में रेलवे का जोनल ऑफिस, एचइसी के पुनरुद्धार और मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढाने की मांग की। प्रधानमंत्री को सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड से रेलवे को प्रतिवर्ष 25 हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होता है। कहा कि झारखंड में रेलवे के आधारभूत संरचना के विकास के लिए यह जरुरी है कि दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल कार्यालय कोलकाता को स्थान्तरित कर रांची लाया जाय अथवा पूर्व मध्य रेलवे जोन के अंतर्गत पड़नेवाले धनबाद रेल मंडल को रांची से जोड़कर रांची में एक नया रेलवे जोन बनाया जाय। कहा कि रांची में रेलवे जोन की स्थापना से झारखंड की जनता को यहां की प्रचुर खनिज सम्पदा का लाभ मिलेगा और यहां का तेजी से विकास होगा। साथ ही झारखंड में रेलवे की आधारभूत संरचना पर तेजी से काम होगा। रोजगार की संभावनाएं भी पैदा होगी। सांसदों ने कहा कि झारखंड से सटे राज्यों ओड़िसा और छतीसगढ़ में रेलवे के जोनल ऑफिस खोले गए हैं, जिससे वहां आधारभूत संरचना की काफी वृद्धि हो रही है। सांसदों ने प्रधानमंत्री से देश की एकमात्र मदर इंडस्ट्री एचइसी के पुनरुद्धार की मांग भी की। कहा कि अपने स्थापना के समय से ही यह उद्योग देश की औधोगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अनेक उत्पादों का निर्माण कर देश की विदेशी मुद्रा भंडार में बचत की है। इसके उत्पादों ने भारत में उद्योगों के विकास में ही नहीं बल्कि विश्व में एक अलग पहचान बनायी है। इसके अलावा सामरिक महत्त्व के क्षेत्र में भी इस उद्योग का योगदान चंद्रयान, नाभकीय पनडुब्बियों के महत्वपूर्ण कल पुर्जों, माउंटेन गन, रक्षा क्षेत्र के जहाज़ों के लिए प्रोपेलर्स साफ्ट्स, गन बैरल, टी-72 टैंक के कल-पुर्जे, रेलवे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण किया है। कहा कि यह देश की एकमात्र संस्थान है जहां परमाणु एवं नाभकीय क्षेत्रों के उपकरणों का निर्माण किया जा रहा है। अभी हल में नीति आयोग की टीम ने एचइसी के पुनरुद्धार एवं आधुनिकीकरण के लिए एक तकनिकी रिपोर्ट भारत सरकार को दिया है। सांसदों ने कहा कि एचइसी द्वारा परमाणु ऊर्जा के लिए सामरिक महत्त्व के उत्पादों का निर्माण एवं भविष्य में इसके योगदान की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा विभाग ने अपने नियंत्रण में पीयूसी के रूप में एचइसी को संभालने का प्रस्ताव रखा है। कहा कि एचइसी को भारी उद्योग विभाग से परमाणु ऊर्जा विभाग में स्थांतरित करने के परामर्श पर सकारात्मक दिशा निर्देश जारी किया जाय।