इमरान खान ने पीएम मोदी को लेकर कही ये बात, जानकर लोग हुए हैरान

कश्मीर मुद्दे में दुनियाभर से आस लगाए बैठे पाक को अभी तक नाकामी ही हाथ लगी है. ज्यादातर राष्ट्रों ने आर्टिकल 370 पर हिंदुस्तान के निर्णय को आतंरिक मुद्दाबताया है या फिर इसे द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाने की बात कही है. इसी क्रम में अब पाक को (UNSC) के वर्तमान अध्यक्ष देश पोलैंड से भी झटका मिला है.

पोलैंड ने मुद्दे पर पहली बार दी प्रतिक्रिया

पोलैंड ने इस विषय में एक बयान जारी कर साफ कह दिया कि भारत-पाकिस्तान को कश्मीर मामले का हल द्विपक्षीय स्तर पर ही ढूंढना होगा. सोमवार को पोलैंड ने इस मसले पर अपनी पहली रिएक्शन दी, जिसके बाद से पाक के उम्मीदों पर पानी फिर गया. अब तक पाक को उम्मीद थी कि वह unsc में कश्मीर मामला उठा सकता है, जो इस बयान के बाद समाप्त हो गई. गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद के मेम्बर देश बारी-बारी से हर महीने अध्यक्षता करते हैं. इस क्रम में अगस्त महीने की अध्यक्षता पोलैंड करने वाला है.

रूस भी कर चुका है हिंदुस्तान का समर्थन

आपको बता दें कि भारत-पाकिस्तान के कूटनीतिक रिश्तों पर पोलैंड की रिएक्शन से पहले शनिवार को UNSC के स्थाई देश रूस ने हिंदुस्तान के कदम को संविधान के दायरे में बताया है. अब पोलैंड के राजदूत बुराकोव्सकी ने कहा, हमारा मानना है कि कैसा भी टकराव हो उसका निवारण शांतिपूर्ण तरीका से किया जा सकता है. यूरोपीय यूनियन की तरह हम भी हिंदुस्तान व पाक के बीच वार्ता से निवारण निकालने के पक्षधर हैं.

भारत का पक्ष हुआ मजबूत

पोलैंड का यह बयान हिंदुस्तान के पक्ष को व मजबूत करता है. हिंदुस्तान ने हमेशा यही बोला है कि कश्मीर मामले को भारत-पाकिस्तान के बीच 'शिमला समझौते, 1972' व 'लाहौर घोषणा पत्र, 1999' के तहत कश्मीर द्विपक्षीय ढंग से ही सुलझाया जाना चाहिए. जबकि पाक के पीएम इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र, UNSC में कश्मीर मामले को उठाने की बात कही है.