किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए सरकार लोगो का कर्ज कर रही है माफ़, जानिए कैसे...

किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए सरकार लोगो का कर्ज कर रही है माफ़,  जानिए कैसे...

पूर्वांचल के कई जिलों में बाढ़ ने किसानों की फसल बर्बाद कर दी है। नेपाल की ओर से आ रहे पानी के चलते नदियां उफान पर हैं। घाघरा नदी में पानी बढ़ने से गोरखपुर व आजमगढ़ जिले के कई गांवों के किसानों की फसल डूब गई है।

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किसानों की मांग है कि जिन खेतों के कागजात पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के जरिए कर्ज़ लिया गया है वो अगर बाढ़ में डूब गए हैं तो उसका लोन माफ किया जाए। अन्यथा जब किसान की फसल ही बर्बाद हो गई तो वो कर्ज़ कहां से चुकाएगा।

किसानों के हकों के लिए प्रयत्न करने वाले अखिलेश सिंह ने बताया कि गोरखपुर व आजमगढ़ के सैकड़ों किसानों की फसल घाघरा नदी की बाढ़ में डुब गई है। गोरखपुर की खजनी तहसील के गांव बसही का 87 हेक्टेयर, समहुतापुर का 77, कटया का 73, घेरवा का 34, बाघाकुंड का 21 हेक्टेयर व बेइली और जितवारपुर गांव के किसानों की फसल डूब गई है। इसी तरह आजमगढ़ जिले में आने वाले गांवों सेमरी, लोहरैया, चनरहा, तहबरगंज, मदरही, दुर्गियापट्टी आदि गांवों की पूरी फसल घाघरा नदी की धारा में समा गई है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए 127 दिन धरना देने वाले अखिलेश सिंह

इनके हजारों किसानों के सामने रोटी का संकट है। ऐसे में वे किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज़ कैसे चुकाएंगे। सिंह बोला कि इन गांवों के किसानों की फसल तीन वर्ष से बाढ़ में बर्बाद हो रही है। एक भी किसान को 2017 के बाद से मुआवजा नहीं मिला है। जबकि हर वर्ष फसल बाढ़ का पानी बहा ले जाता है। इसलिए तहसीलदार व एसडीएम से मांग की गई है कि उनका लोनमाफ कर दें।

इस बारे में जब उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बोला कि सरकार तो किसानों की फसल बर्बाद होने के बदले मुआवजा दे रही है लेकिन यहां पर किसानों को पैसा क्यों नहीं मिला, इसे दिखवाया जाएगा।

केसीसी पर मिलता है सबसे सस्ता लोन
सरकार किसानों को 7 प्रतिशत प्रति साल की ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का कर्ज़ देती है। वैसे इसकी दर 9 प्रतिशत है लेकिन 2 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान कर रही है। तय समय पर किसान पैसा वापस कर देता है तो 3 प्रतिशत की व छूट मिलती है। जिससे प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4 परसेंट रह जाती है। इससे सस्ता कोई कर्ज़ नहीं मिलता।