मुंबई में 24 घंटे यहां मुफ्त में खाए खाना, जानिए कैसे...

मुंबई में 24 घंटे यहां मुफ्त में खाए खाना,  जानिए कैसे...

भूखे को खाना खिलाने से बड़ा कार्य कोई नहीं। यहां वर्सोवा में चल रहा कम्युनिटी फ्रीज रोजाना करीब 70-80 लोगों की भूख मिटा रहा है।

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यहां असपास के होटलों व लोकल लोगों के घर का बचा हुआ खाना तो आता ही है, साथ ही कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो खरीद कर खाना दे जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि वर्सोवा का यह कम्युनिटी फ्रीज बारह महीने ज़रूरतमंदों के लिए खुला रहता है, व लगभग रोज़ कम से कम 70-80 लोगों की भूख मिटाता है। मैनेजमेंट कमेटी से जुड़े श्याम कलवानी बताते है कि इस कम्युनिटी फ्रीज की शुरूआत 2017 में की थी व अब यह फ्रीज वर्सोवा इलाके के ज़रूरतमंद लोगों व बच्चों का फेवरेट अड्डा बन चुका है

मुफ्त में मिलता है भरपेट खाना- मायानगरी मुंबई भले ही ग्लैमर की चकाचौंध में डूबी हो लेकिन इस शहर में अकसर आपको मानवता की मिसालें मिल जाती हैं। इनमें कई कहानियां तो ऐसी हैं कि आपको यकीन हो जाएगा कि शहर के सीने में भी एक दिल धड़कता है।

>> यहां लोग बारिश, बाढ़, तूफान से लेकर किसी भी मुसीबत में एक दूसरे की मदद के लिए सबसे पहले आगे आते हैं। साथ ही अगर बात किसी को पेट भर खाना खिलाने की हो तो इस मुद्दे में भी मुम्बईकर पीछे नहीं है। मुम्बई के अंधेरी वर्सोवा इलाके में कम्यूनिटी फ्रीज ज़रूरत मंदों के लिए बेहतरीन सहारा है।

>> घर या होटल में बचे हुए खाने से ज़रूरतमंद लोगों की भूख मिटाने में असल भूमिका निभाता है ये कम्युनिटी फ्रीज। इस कम्युनिटी फ्रीज में खाने का सामान रखा रहता है व यहां आने वाला कोई भी आदमी अपनी भूख के हिसाब से यहां से सारे हक़ से बिना किसी सवाल जवाब के खाना निकालकर खा सकता है।


यहां से आता है इस कम्युनिटी फ्रिज में खाना
ये कम्युनिटी फ्रीज बच्चे, रिक्शाचालक, भिखारियों के साथ-साथ आसपास कार्य करने वाले ग़रीब लोगों का भूख लगने पर फेवरेट अड्डा है। एक तरफ जहां यहां लोग खाना खाने आते हैं तो वहीं खाना खिलाने वालों की भी कमी नहीं है।

>> कुछ लोग अपने घरों में बचा हुआ खाना यहां दे जाते हैं, तो कुछ यहाँ ख़रीद कर भी फ्रीज में रख कर जाते हैं। साथ ही आसपास के कई होटल भी बचा हुआ खाना बर्बाद करने की बजाय यहां रख जाते हैं। फ्रीज को प्रारम्भ करने वाले प्रबंधन के लोग भी हर दिन प्रातः काल 9.30 बजे व शाम 4.30 बजे यहां खाना रखने आते हैं।

2017 में की थी शुरूआत, व बढ़ाने की योजना
वर्सोवा का यह कम्युनिटी फ्रीज बारह महीने ज़रूरतमंदों के लिए खुला रहता है, व लगभग रोज़ कम से कम 70-80 लोगों की भूख मिटाता है।

>> मैनेजमेंट कमेटी से जुड़े श्याम कलवानी बताते है कि इस कम्युनिटी फ्रीज की शुरूआत 2017 में की थी व अब यह फ्रीज वर्सोवा इलाके के ज़रूरतमंद लोगों व बच्चों का फेवरेट अड्डा बन चुका है हालांकि अब हम ऐसे कम्युनिटी फ्रीज मुम्बई में कई व जगहों पर भी खोलने की प्रयास कर रहे है ताकि बचे हुए खाने को फेंकने की बजाय लोगों का पेट भरा जा सके ।