पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के परिवार ने मृत्यु के बाद मिलने वाली उनकी दान कर दी पेंशन

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के परिवार ने मृत्यु के बाद मिलने वाली उनकी दान कर दी पेंशन

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) के परिवार ने मृत्यु के बाद मिलने वाली उनकी पेंशन दान कर दी है। दिवंगत नेता की पत्नी संगीता जेटली ने इस बारे में राज्यसभा सभापति व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) को चिट्ठी लिखी है। संगीता जेटली ने अपने पति की पेंशन उन कर्मचारियों को दान करने को बोला है जिनकी सैलरी कम है। जेटली परिवार के निर्णय के बाद अब उनकी पेंशन राज्यसभा के कम सैलरी वाले कर्मचारियों को दी जा सकती है। बता दें कि पेंशन के रूप में परिवार को सालाना करीब 3 लाख रुपये मिलते।



अरुण जेटली के परिवार में पत्नी संगीता जेटली के अतिरिक्त बेटी सोनाली व बेटा रोहन हैं। ये दोनों ही अपने पिता की तरह एडवोकेट हैं। वकालत में ये जेटली परिवार की तीसरी पीढ़ी है। अरुण जेटली वकालत व राजनेता के साथ-साथ दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष भी रहे।

कब हुआ था अरुण जेटली का निधन?
बता दें पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा के वरिष्‍ठ नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) का 24 अगस्त को दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। जेटली बहुत ज्यादा समय से एक के बाद एक बीमारी से लड़ रहे थे। इसी के चलते उन्‍होंने लोकसभा चुनाव, 2019 में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कैबिनेट में शामिल नहीं करने की विनती की थी।

जेटली बहुत ज्यादा समय से एक के बाद एक बीमारी से लड़ रहे थे

जेटली के निधन के वक्त विदेश में थे पीएम मोदी
अरुण जेटली के निधन के समय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी विदेश दौरे पर थे। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए लगातार चार ट्वीट किए थे। उन्होंने लिखा था, 'मैंने एक अहम दोस्त खो दिया है, जिन्हें दशकों से जानने का सम्मान मुझे प्राप्त था। मुद्दों पर उनकी समझ बहुत अच्छी थी। वो हमें अनेक सुखद स्मृतियों के साथ छोड़ गए। हम उन्हें याद करेंगे। '

प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी लिखा था कि भाजपा व अरुण जेटली के बीच एक ना टूटने वाला बंधन था। उनके मुताबिक, 'एक तेजस्वी विद्यार्थी नेता के तौर पर उन्होंने आपातकाल के समय हमारे लोकतंत्र की सबसे आगे होकर रक्षा की थी। वो हमारी पार्टी का लोकप्रिय चेहरा थे। जिन्होंने समाज के भिन्न-भिन्न तबकों तक पार्टी के कार्यक्रमों व विचारों को साफ तौर पर पहुंचाया। '

सांसदों को कितनी मिलती है पेंशन?
वर्ष 2010 में हुए संशोधन के अनुसार संसद से रिटायर होने के बाद सदस्यों को 20 हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिलती है। साथ ही उनके कार्यकाल के एक वर्ष के आधार पर 1500 रुपये अधिक मिलते हैं। खास बात ये है कि पेंशन हर मेम्बर को मिलती है, चाहे उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया हो गया नहीं। इसके अतिरिक्त किसी भी पूर्व सांसद के निधन के बाद उनके पति या पत्नी को पेंशन का आधा भाग दिया जाता है।