एक्सरसाइज करते समय भूल से भी न करे यह फिटनेस मिस्टेक्स

कुछ महिलाएं फिट व हैल्दी रखने के लिए प्रयास तो खूब करती हैं लेकिन ऐसी गलतियां कर बैठती हैं कि अभ्यास के सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ पाते. कहीं आप भी तो नहीं करतीं ये फिटनेस मिस्टेक्स. जाने कुछ ऐसी ही बातों के बारे में :-

फिटनेस को वेट लॉस कार्यक्रम समझने की भूल
ज्यादातर महिलाएं अभ्यास वेट लॉस के लिए करती हैं, वो भी शरीर के एक दो खास हिस्सों जैसे पेट, कूल्हे व पैर से चर्बी हटाने के लिए. इसी उम्मीद में वे कुछ एरोबिक्स व डायटिंग को अपना रुटीन बना लेती हैं. ट्रेनर्स का बोलना है, 'बिना सूझबूझ व प्रोफेशनल सलाहकार के कोई डाइटिंग कार्यक्रम तय करना व यूं ही वर्कआउट करना कई बार खतरनाक साबित होने कि सम्भावना है. इससे शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी होने का भय भी रहता है व मांसपेशियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

वेट ट्रेनिंग को पुरुषों के लिए समझना
कई महिलाएं समझती हैं कि वेट ट्रेनिंग से बल्क मसल्स उभर सकती हैं इसलिए यह सिर्फ पुरुषों को ही करना चाहिए. ट्रेनर श्वेता सुबैय्या कहती हैं कि वेट ट्रेनिंग या रेसिस्टेंस ट्रेनिंग लीन मसल्स बिल्ड करने के लिए महत्वपूर्ण हैं. यह आपको स्ट्रॉन्ग बनाती हैं व शरीर का वजन नहीं बढ़ने देती. साथ ही हड्डियां भी मजबूत होती हैं.

वर्कआउट को जल्दी छोड़ देना
कई महिलाएं जोश में मॉर्निंग वॉक, डाइटिंग, अभ्यास एकसाथ प्रारम्भ कर देती हैं व हर दूसरे-तीसरे दिन अपना वजन चेक करती हैं. मनमाफिक परिणाम न मिलने पर उन्हें लगता है कि इसका कोई लाभ नहीं है. ऐसे में वे बहाने बनाकर वर्कआउट करना बंद कर देती हैं. ध्यान रखें कि किसी भी वर्कआउट का लाभ नजर आने में 2-3 महीने लग जाते हैं.

सिर्फ अभ्यास पर ध्यान व डाइट में लापरवाही
ज्यादातर लोग समझते हैं कि फिजिकल फिटनेस के लिए अभ्यास ही बहुत ज्यादा है. जबकि अभ्यास के साथ-पौष्टिक खुराक लेना भी महत्वपूर्ण है. इसके अभाव में शरीर को ठीकपोषण नहीं मिलता या फिर ज्यादा वसायुक्त भोजन करती हैं तो शरीर में फैट जमा होता है.

एक जैसी एक्सरसाइज
फिटनेस ट्रेनर कहते हैं कि वर्कआउट का शेड्यूल समय पर बदलते रहना चाहिए ताकि शरीर को पूरा व्यायाम मिले, जो आपके पूर्व वर्कआउट कार्यक्रम के कारण नहीं मिल रहा था. एक जैसा वर्कआउट करने से शरीर उसका अभ्यस्त हो जाता है व फिर कैलोरी कम बर्न होने लगती है. इसके अतिरिक्त फिटनेस कार्यक्रम में परिवर्तन करने से शरीर के हर अंग की अभ्यास हो जाती है. ऐसा करते समय एक बार फिटनेस ट्रेनर की मदद जरूर लें क्योंकि हर बॉडी के अनुसार फिटनेस कार्यक्रम बदलता है.