प्रदूषण के विरूद्ध कई क्रांतिकारी कदम उठाकर चाइना खुद की स्वास्थ्य तो करने में लगा दुरुस्त

प्रदूषण के विरूद्ध कई क्रांतिकारी कदम उठाकर चाइना खुद की स्वास्थ्य तो करने में लगा दुरुस्त

प्रदूषण के विरूद्ध कई क्रांतिकारी कदम उठाकर चाइना खुद की स्वास्थ्य तो दुरुस्त करने में लगा है, लेकिन संसार को वह प्रदूषण की भट्टी में झोंकने पर उतारू है. चाइना का बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव प्रॉजेक्ट कई राष्ट्रों की सांसों में प्रदूषण का जहर घोल सकता है. चाइना की सिन्हुआ विवि की शोध रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रॉजेक्ट पर १२ ट्रिलियन डॉलर से अधिक का निवेश होने की आसार है, जिससे कार्बन उत्सर्जन का स्तर पेरिस जलवायु समझौते को पार कर जाएगा. यानी इतने उत्सर्जन से वैश्विक तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है. मसलन चाइना के इस प्रोजेक्ट के लिए पाक से फिलिपींस तक कई राष्ट्रों में सैकड़ों कोयले से चलने वाले संयंत्र स्थापित किए जाएंगे.

दूसरी तरफ 22 करोड़ की आबादी वाले शहर बीजिंग में प्रदूषण कम करने में अप्रत्याशित सफलता पाई है. कभी राजधानी बीजिंग में प्रदूषण के चर्चे पूरी संसार में थे. अब हवा में प्रदूषण नापने वाली स्विस फर्म आइक्यू एयरविजुअल का दावा है कि चाइना की राजधानी संसार के 200 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर हो सकती है. 2008 में पाए गए प्रदूषण के अंश अभूतपूर्व रूप से कम हुए हैं. बीजिंग में अमरीकी दूतावास व लोकल प्रशासन द्वारा स्थापित सेंसर से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो सालों में शहर की हवा में तेजी से सुधार हुआ है.

खुद ने यों कम किया प्रदूषण
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कोयला जलाने, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करने के साथ ही भारी ट्रकों को शहरी सीमा से बाहर कर दिया गया. आइक्यू एयर के मुताबिक हवा में पाए जाने वाले पार्टिकल्स पीएम 2.5 में 2010 के मुकाबले 60 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. दशकों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से निपटने के लिए अब सौर ऊर्जा व इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ाने में भारी निवेश कर रहा है.