आइए जानते हैं, अरविंद केजरीवाल के 10 बड़े फैसले

आइए जानते हैं, अरविंद केजरीवाल के 10 बड़े फैसले

लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक्टिव हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में अरविंद केजरीवाल ने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जो दिल्ली की आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रभावी साबित हो सकते हैं।



ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव आयोग अगले वर्ष की आरंभ में ही दिल्ली विधानसभा का चुनाव करवा सकता है। इन्हीं अटकलों के बीच सीएम अरविंद केजरीवाल चुनावी मोड में आ गए हैं व लगातार एक के बाद एक ताबड़तोड़ निर्णय ले रहे हैं।

आइए जानते हैं अरविंद केजरीवाल के 10 बड़े फैसले, जो उन्होंने लोकसभा चुनाव में मिली करारी पराजय के बाद लिए

1- दिल्ली की हर विधानसभा में जाकर पदयात्रा कर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं व तुरंत ही निवारण का कोशिश कर रहे हैं या फिर उसकी प्रयास कर रहे हैं। पानी व बिजली की समस्याओं का त्वरित गति से निपटारा किया जा रहा है।

2- दिल्ली वालों को बिजली के फिक्स चार्ज से राहत। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) को पुराने फिक्स चार्ज को लागू करने की बात। अगले महीने से बिजली के रेट कम हो जाएंगे। केजरीवाल के आदेश के बाद से ही डीईआरसी एक बार फिर से बिजली का रेट तय करने वाली है।

3- महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान। सभी मेट्रो ट्रेन, डीटीसी बस व कलस्टर बसों में मुफ्त यात्रा।

4- दिल्ली में दिसंबर महीने तक डेढ़ लाख सीसीटीवी लगाना।

5- दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के प्लेयर्स बिल्डिंग में महिला कर्मचारियों के बच्चे के लिए क्रेच खोलने का निर्णय किया है।

6- कच्ची कॉलोनियों में रह रहे लोगों को विश्वास में लेना। कच्ची कॉलोनियों में विकास का कार्य तेज करवाना व वहां पर गलियां, नालियां, पानी की पाइप लाइन, सीवर लाइन इत्यादि डलवाना।

7- राजधानी में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत रिज़र्वेशन लागू करने का आदेश जारी करना। ये रिज़र्वेशन सरकारी नौकरियों में दिया जाएगा।

8- दिल्ली सरकार के स्कूल सिलेबस में बाबा साहेब डॉ। भीमराव आंबेडकर का ज़िंदगी चरित्र, उनके संघर्ष, विजन व सामाजिक आंदोलन के बारे में चैप्टर जोड़ा जाएगा। दिल्ली सरकार का तर्क है कि अभी तक बाबा साहेब के बारे में स्कूलों में बहुत कम ही पढ़ाया जा रहा है।

9- मुस्लिम वोटर्स को साधने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से इफ्तार पार्टी का आयोजन करना। साथ ही क्षेत्र के विधायकों को भी मुस्लिम इलाकों में इफ्तार पार्टी का आयोजन करने की हिदायत देना।

10- सीबीएसई के 10वीं व 12वीं के परिणामों के आने के बाद दिल्ली सरकार बोर्ड रिजल्‍ट को बेहतर बनाने का प्रयास। जिन विषयों में स्‍टूडेंट्स ने सबसे कम नंबर हासिल किए हैं, उन पर विशेष ध्यान देने के लिए स्‍पेशल क्‍लास लगाई जाएंगी ताकि रिजल्‍ट सुधारा जा सके।