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क्या नीतीश मिशन 2023 के लिए विपक्षी गठबंधन का करेंगे नेतृत्व…

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा की छप्पर फाड़ जीत ने जहां लोकसभा चुनाव 2024 में भगवा गठबंधन की जीत के दावे को और पुख्ता कर दिया है, वहीं इस जीत से ‘इंडिया’ (I-N-D-I-A) गठबंधन से कांग्रेस पार्टी की पकड़ भी ढीली हो गई है साथ ही गठबंधन में भी किचकिच बढ़ी है तृण मूल काँग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी नतीजे आने के बाद कांग्रेस पार्टी पर धावा करते हुए बोला कि कांग्रेस पार्टी विपक्षी गठबंधन के सदस्यों के साथ सीट-बंटवारे की प्रबंध की कमी के कारण चुनाव हारी है ममता के इस हमले से गठबंधन पर भी प्रश्न खड़े होने लगे हैं वहीं, यह भी प्रश्न खड़े हो रहे है कि क्या नीतीश मिशन 2023 के लिए विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करेंगे इस बीच समाचार है कि इण्डिया गठबंधन की अहम बैठक आनें वाले छह दिसंबर को दिल्ली में होने वाली है मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ममता बनर्जी बैठक में शामिल नहीं हो रही हैं

क्या नीतीश कुमार करेंगे नेतृत्व!
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को मिली जीत के बाद प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी न केवल राहुल गांधी की गारंटी पर भारी पड़ गयी है, बल्कि इसने राजनीति में कई एजेंडे से कांग्रेस पार्टी की पकड़ को भी ढीली कर दी है ऐसे में जेडीयू की ओर से बयान आ रहा है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में गठबंधन की बागडोर नीतीश कुमार को सौंप देनी चाहिए जेडीयू का तर्क है कि नीतीश कुमार ही एकमात्र ऐसे नेता हैं जो 2024 में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का सामना कर सकते हैं जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश महासचिव निखिल मंडल ने कांग्रेस पार्टी की हार के बाद बयान दिया है कि कांग्रेस पार्टी 5 राज्यों के चुनाव में व्यस्त होने के कारण ‘इंडिया’ गठबंधन पर ध्यान नहीं दे पा रही थी अब तो कांग्रेस पार्टी चुनाव भी लड़ ली, परिणाम भी सामने है ऐसे में I.N.D.I.A गठबंधन को अब नीतीश कुमार के मुताबिक चलना चाहिए

गठबंधन से नीतीश को कर दिया गया था साइडलाइन
गौरतलब है कि जब विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ बनाया गया था उस समय इसकी चर्चा तेज थी कि नीतीश कुमार को इसका संयोजक बनाया जाएगा लेकिन शुरुआती दो बैठकों में साफ हो गया कि इसके नीतीश कुमार को कोई दमदार किरदार नहीं मिलेगी, साथ ही उन्हें पूरी ढंग से साइड लाइन भी कर दिया गया था जेडीयू में इससे खीज तो बहुत बढ़ी, और अब जब तीन राज्यों में कांग्रेस पार्टी चारों खाने चित्त हो गई तो एक बार फिर जेडीयू नीतीश कुमार को आगे कर रही है साथ ही पार्टी यह दावा भी कर रही है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को 2024 में केवल नीतीश कुमार ही भिड़न्त दे सकते हैं

‘चुनावी नतीजों के बाद करनी होगी कड़ी मेहनत’
इधर, तीन राज्यों के चुनावी रिज़ल्ट कांग्रेस पार्टी के साथ साथ इण्डिया गठबंधन के लिए भी निराशा भरे रहे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर जिस तरह से एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लोगों ने भरोसा जताया है उससे इण्डिया गठबंधन की राह थोड़ी कठिन जरूर हो गई है हालांकि, विपक्षी नेताओं का बोलना है कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजों का असर इण्डिया गठबंधन में शामिल सियासी दलों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन नेताओं का यह भी बोलना है कि उन्हें अब कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है गठबंधन में शामिल नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बोला कि इण्डिया गठबंधन में शामिल विपक्षी पार्टियों को अब और अधिक मेहनत करनी होगी

दिल्ली में 6 दिसंबर को होगी चौथी बैठक
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को भिड़न्त देने के लिए कांग्रेस, जेडीयू, आरजेडी, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, एसपी समेत 26 विपक्षी दलों ने इण्डिया गठबंधन की नींव रखी इन विपक्षी दलों के गठबंधन को ‘I-N-D-I-A’ नाम दिया इस गठबंधन की पहली बैठक पटना में हुई थी, जबकि जबकि दूसरी बैठक बेंगलुरु और तीसरी बैठक मुंबई में हुई थी अब कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष की ओर से चौथी बैठक दिल्ली में 6 दिसंबर को आयोजित की जा रही है उल्लेखनीय है कि सीट बंटवारे का प्रश्न गठबंधन के गई घटक जेडीयू, टीएमसी, एसपी, आप… समेत कई और घटक उठाते रहे हैं

 

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