केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा,''नयी एजुकेशन नीति का मसौदा हुआ तैयार'

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा,''नयी एजुकेशन नीति का मसौदा हुआ तैयार'

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बोला कि नयी एजुकेशन नीति का मसौदा तैयार हो गया है. संसद से मंजूरी मिलते ही नयी एजुकेशन नीति देश में लागू हो जाएगी. संसार में इतने बड़े विचार-विमर्श के बाद यह पहली ऐसी एजुकेशन नीति होगी. 

इसमें करोड़ों लोग शामिल हुए है. इस एजुकेशन नीति में गांव पंचायत, शिक्षाविदों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों, विद्यार्थी व अभिभावकों से भी राय ली गई है. देश एक तरफ कोरोना से  लड़ रहा था तो लॉकडाउन में शिक्षक औनलाइन विद्यार्थियों को पढ़ाने में व्यस्त थे. दूरदर्शन व रेडियों के माध्यम से शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों तक औनलाइन एजुकेशन पहुंचाई जाएगी.


केंद्रीय मंत्री ने यह बात देश के सभी 45 हजार कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों के साथ चुनौतियों को मौका के रूप में बदलना विषय पर आयोजित लाइव वेबिनार में कही. निशंक ने बोला कि बच्चे देश का भविष्य है. इसलिए इनको अच्छी एजुकेशन व इनकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.  ऐसी कठिन दशा में शिक्षकों के चलते ही विद्यार्थी एजुकेशन से जुड़े रहे. असल अर्थ में शिक्षक भी कोरोना वॉरियर हैं. अगर किसी शिक्षक को  किसी प्रकार की शिकायत या परेशानी हो तो वह यूजीसी के शिकायत प्रकोष्ठ से संपर्क करें. इसके अतिरिक्त मंत्रालय से भी सम्पर्क कर सकते हैं.
स्वयंप्रभा चैनल संसार का सबसे बड़ा एजुकेशन प्लेटफार्मनिशंक ने बोला कि हमने औनलाइन एजुकेशन को बहुत ज्यादा मजबूत बनाया है व स्वंयप्रभा चैनल संसार का सबसे बड़ा एजुकेशन प्लेटफार्म बन गया है. दीक्षा व ई-पाठशाला जैसे प्लेटफार्म हैं ही. लेकिन इसके बाद भी दूर दराज इलाके में रहने वाले विद्यार्थियों को नेट की व मोबाइल नेटवर्क की समस्या है तो हम उन्हें दूरदर्शन से टीवी के माध्यम से जोड़ रहे हैं. रेडियो के माध्यम से भी उन्हें एजुकेशन प्रदान करेंगे. उन्होंने बोला कि अंतिम छोर पर रहने वाला कोई विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित नही रहेगा.  

फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को देनी होगी परीक्षा

निशंक ने बोला कि पहले साल के विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार व दूसरे साल के विद्यार्थियों को पहले साल के रिजल्ट के 50 प्रतिशत व 50 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा. सिर्फ फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को इम्तिहान देनी होगी. हालांकि, जुलाई या अगस्त में जब भी इम्तिहान होगी, उस दौरान सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जाएगा.