नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश के इन किसानों के लिए प्रारम्भ की यह बड़ी सुविधा, जाने मिलेगा इतना गारंटी कर्ज़

नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश के इन किसानों के लिए प्रारम्भ की यह बड़ी सुविधा, जाने मिलेगा इतना गारंटी कर्ज़

 नरेंद्र नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश के कुछ किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर (Kisan Credit Card) बिना गारंटी कर्ज़ देने की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया है। जबकि यह पहले 1.60 लाख रुपए ही था।

 इससे कर्ज़ लेना सरल हो जाएगा। लेकिन यह सुविधा सबको नहीं मिलेगी। जिन किसानों का दूध सीधे तौर पर मिल्क यूनियनों द्वारा खरीदा जाता है, उन्हीं को यह फायदा मिलेगा। इससे दुग्ध संघों से जुड़े डेयरी किसानों (Dairy farmers) के लिए सस्ते दर पर पैसे की उपलब्धता होगी व बैंकों को लोन चुकता होने का आश्वासन भी मिलेगा।

देश में 1.7 करोड़ किसान ऐसे हैं जो 230 मिल्क यूनियनों के साथ जुड़े हैं। अगर ये लोग अपना कारोबार लेने के लिए पैसा चाहते हैं तो उन्हें बिना कोलैटरल के पैसा मिलेगा। क्योंकि इनकी गारंटी मिल्क यूनियनों (Milk Unions) के पास होती है। वहां से सरकार अपना पैसा ले सकती है। अन्य किसानों के लिए यह व्यवस्था 1.60 लाख तक ही सीमित रहेगी।
  केसीसी कवरेज बढ़ाना चाहती है सरकार

देश में अभी कठिन से 7 करोड़ किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड है, जबकि किसान परिवार 14.5 करोड़ हैं। सरकार इसे बढ़ाना चाहती है ऐसे में अब डेयरी सेक्टर से जुड़े लोगों पर दांव चला गया है। सरकार बिना गारंटी कर्ज़ इसलिए दे रही है ताकि वे साहूकारों के चंगुल में न फंसे।

15 दिन के अंदर कार्ड जारी करने का आदेश
केन्द्र सरकार ने बैंकों से बोला है कि कर्ज़ के लिए आवेदन जमा करने के 15 दिन के अंदर केसीसी जारी करें। केसीसी पर बैंकों (Banks) के सभी प्रोसेसिंग चार्ज समाप्त कर दिए गए हैं। बैंकिंग सिस्टम किसानों को लोन देने से कतराता रहा है।

असली लाभ दाम बढ़ने से मिलेगा
किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने डेयरी किसानों को बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का सस्ता कर्ज़ देने के निर्णय का स्वागत किया है। इससे किसान ज्यादा पशु खरीद पाएगा। उन्होंने कहा, लेकिन इसका ठीक लाभ तब मिलेगा जब किसान के दूध का ठीक रेट मिलेगा। इसका रिजर्व प्राइस तय किया जाए।

गौ माता के दूध का 3.5 प्रतिशत फैट पर 35 रुपये लीटर व भैंस के दूध का 6.5 फैट पर 45 रुपये लीटर से कम दाम न हो। किसानों की अपनी सहकारी संस्था अमूल के अतिरिक्त बाकी डेयरी इस वक्त भारी उत्पीड़न कर रही हैं। तमाम डेयरियों को निर्देशित किया जाए कि वो इसी रेट पर दूध खरीदें।