समाजवादी पार्टी की गवर्नमेंट में होते थे रोज दंगे

समाजवादी पार्टी की गवर्नमेंट में होते थे रोज दंगे

Brajesh Pathak Vs Akhilesh Yadav: यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा के मुखिया अखिलेश यादव पर बड़ा धावा बोला है. पाठक ने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए बोला कि दंगा कराने वाले कभी तिरंगे का सम्मान नहीं कर सकते. बता दें कि अखिलेश ने इसके पहले भाजपा की तिरंगा यात्रा पर निशाना साधते हुए बोला था कि भाजपा तिरंगा यात्रा के नाम पर दंगे करवा सकती है. उन्होंने बोला था कि RSS ने स्वयं आजादी के बाद कई वर्षों तक तिरंगा नहीं फहराया था.

‘अखिलेश ने सैफई को ही पूरा प्रदेश समझ लिया था’

अखिलेश के हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए पाठक ने कहा, ‘बांटने का काम तो अखिलेश यादव ने किया है. जो कुनबा कभी समाजवादी पार्टी की ताकत था, आज वही सबसे बड़ी कमजोरी बन गया है. उनकी इसी मानसिकता की वजह से आज सपा डूबती नैया बन गई है.’ पाठक ने बोला कि समाजवादी पार्टी सुप्रीमो ने सैफई को ही पूरा प्रदेश समझ लिया था, तभी प्रदेश का विकास करने के बजाय वह केवल सैफई तक ही सीमित रह गए थे. उन्होंने बोला कि समाजवादी पार्टी गवर्नमेंट की सोच ही भाई, भतीजावाद और जातिवाद तक सीमित थी.

‘समाजवादी पार्टी की गवर्नमेंट में रोज दंगे होते थे’
उपमुख्यमंत्री ने बोला कि समाजवादी पार्टी गवर्नमेंट में प्रतिदिन दंगे होते थे, जबकि बीजेपी गवर्नमेंट में कानून प्रबंध की देशभर में दुहाई दी जा रही है. उन्होंने कहा, ‘योगी मॉडल दूसरे प्रदेश अपने प्रदेशों में लागू कर रहे हैं. दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों के लिए जितना काम योगी गवर्नमेंट ने किया है, उतना पिछली किसी गवर्नमेंट ने नहीं किया होगा. समाजवादी पार्टी तुष्टीकरण की राजनीति करती है.’ पाठक ने बोला कि समाजवादी पार्टी सुप्रीमो ने डिफेंस कारिडोर और गोरखपुर के खाद कारखाना सहित दर्जनों प्रोजेक्ट सपने में ही पूरे कर दिए थे.

‘बीजेपी तिरंगा यात्रा के नाम पर दंगे करवा सकती है’
इससे पहले अखिलेश यादव ने केंद्र गवर्नमेंट के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बारे में कहा  था, ‘देश को यह एहसास करना होगा कि बीजेपी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सियासी शाखा है और यदि हम उनका (आरएसएस) इतिहास देखें तो उन्होंने सालों तक अपने जगह पर तिरंगा झंडा नहीं लगाया. मैं आगाह करना चाहता हूं कि भाजपा तिरंगा यात्रा के नाम पर दंगे करवा सकती है. आप सभी को याद रखना चाहिए कि कासगंज में क्या हुआ. कैसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा यात्रा के नाम पर दंगे किए.