CBI ने केंद्रीय वित मंत्रालय को लिखी चिट्ठी, जाने जे पी सिंह से जुड़े मुद्दे में जल्द ही कर सकती है आरोपपत्र दायर

CBI ने केंद्रीय वित मंत्रालय को लिखी चिट्ठी, जाने जे पी सिंह से जुड़े मुद्दे में जल्द ही कर सकती है आरोपपत्र दायर

केंद्रीय जाँच एजेंसी CBI ( CBI) की टीम गुजरात में प्रवर्तन निदेशालय यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) में कार्यरत पूर्व संयुक्त निदेशक (Former joint director of ED) जे पी सिंह मुद्दे में कार्रवाई करने वाली है। 

इसको लेकर CBI ने केंद्रीय वित मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है। ऐसे में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि CBI की टीम जे पी सिंह से जुड़े मुद्दे में जल्द ही आरोपपत्र दायर कर सकती है। आरोप लेटर में जे पी सिंह सहित अन्य आरोपियों की किरदार व सबूतों के बारे में न्यायालय को विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

क्या था आईपीएल में सट्टेबाजी का मामला?
पूर्व आरोपी ऑफिसर जे पी सिंह को CBI की टीम नें गुजरात में आईपीएल (IPL) के सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया था . ये मुद्दा वर्ष 2015 का है जब उसके तीन अन्य सहयोगियों के साथ CBI ने उन्हें हिरासत में लिया था। CBI के मुताबिक उस वक्त जे पी सिंह पर सरकारी ऑफिसर होने के बावजूद भ्रष्ट्राचार के मुद्दे को अंजाम देने का आरोप लगा था। CBI की टीम ने इस मुद्दे में बहुत ज्यादा सबूतों को जमा करने के बाद कई जगहों पर उस वक्त छापेमारी की थी। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था।

दो सट्टेबाज भी हुए थे गिरफ्तार

सीबीआई की टीम ने गुजरात में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में ही कार्यरत व जे पी सिंह के बेहद करीबी रहे कर्मचारी संजय कुमार सहित दो सट्टेबाजों चंद्रेश पटेल व विमल अग्रवाल को हिरासत में लिया था . इस मुद्दे में CBI के सूत्रों द्वारा ये जानकारी मिली है की जे पी सिंह पर बहुत ज्यादा गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है की उन्होंने अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग की।

 मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप
जे पी सिंह पर इसके अतिरिक्त दूसरी गलत गधिविधियों के माध्यम से उन्होंने करोड़ों रूपये मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए घूस के तौर पर ली जिससे आरोपियों को बचाया जा सके। उस घूस की रकम को उसके ससुर के बैंक एकाउंट के मार्फत जे पी सिंह को पैसे ट्रांसफर किया गया था। इस मुद्दे में बहुत ज्यादा सबूतों को जमा किया गया था।