महंगाई पर किया प्रश्न तो भाजपा प्रतिनिधि बताने लगीं पुराने भाव, टोकने पर बोलीं...

महंगाई पर किया प्रश्न तो भाजपा प्रतिनिधि बताने लगीं पुराने भाव, टोकने पर बोलीं...

देश में महंगाई चरम पर है. इधर न्यूज 18 इंडिया पर एक शो के दौरान बीजेपी की प्रतिनिधि संजू वर्मा से जब महंगाई को लेकर प्रश्न किए गए तो वो महंगाई की पुरानी दर को बताने लगी. जब उन्हें टोका गया तो उन्होंने बोला कि यदि हकीकत नहीं सुनना चाहते हो तो बुलाते क्यों हो.

बीजेपी प्रतिनिधि ने बोला कि हिंदुस्तान कई चीजों का आयात करता है. हम खाने के ऑयल का भी आयात करते हैं. जिन राष्ट्रों से आयात किये जाते हैं वहां पर सूखे पड़े है जिस कारण से वहां निर्यात को कंट्रोल किया गया है. इस कारण से जो भी देश उन पर निर्भर करते हैं वहां पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा. साथ ही उन्होंने बोला कि मेरे पास पिछले सात वर्ष के महंगाई के आंकड़ें हैं. नरेन्द्र मोदी सरकार के दौर में औसत महंगाई चार फीसदी पर रही है.

खाद्य पदार्थों की महंगाई दर मात्र 2 फीसदी रही है. उन्होंने बोला कि 2017-2018 में तो सब्जियों की मंहगाई दर निगेटिव में रही थी. भाजपा प्रतिनिधि ने बोला कि 2012-2013 में टमाटर का रेट था 120 रूपये किलो. प्याज का रेट था 80-90 रुपये.

एंकर ने उन्हें रोकने का कोशिश किया तो उन्होंने बोला कि यदि आप को हकीकत नहीं सुनना हो तो मुझे मत बुलाया करें. आपकी यह आदत है कि आप बीच में टोकते हैं. बताते चलें कि खाद्य तेल, फल, अंडा जैसे खाद्य पदार्थ के दाम बढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति मई में बढ़कर छह महीने के उच्चतम स्तर 6.3 फीसदी पहुंच गयी.

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति भी मई में बढ़कर 12.94 फीसदी पर पहुंच गयी. इसका कारण कच्चा तेल, विनिर्मित वस्तुओं के दाम में तेजी और पिछले वर्ष Covid-19 ‘लॉकडाउन’ के कारण तुलनात्मक आधार का निर्बल होना है. सोमवार को जारी राष्ट्रीय सांख्यिकी ऑफिस (एनएसओ) के आंकड़े के मुताबिक कंज़्यूमर मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में 4.23 फीसदी थी जो मई में बढ़कर छह महीने के उच्च स्तर 6.3 फीसदी पर पहुंच गयी.


शिव मार्केट में पानी के साथ आया 15 फीट का मगरमच्छ, जान जोखिम में डाल युवा खिंचा रहे फोटो

शिव मार्केट में पानी के साथ आया 15 फीट का मगरमच्छ, जान जोखिम में डाल युवा खिंचा रहे फोटो

मध्य प्रदेश में कई ऐसी नदियां हैं, जहां भारी बारिश के चलते अक्सर जल स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में इन नदियों में मगरमच्छों की भरमार भी मिलती है। कभी-कभी तो पानी बहकर शहरों एवं गावों तक पहुंच जाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि बुधवार को शिवपुरी की मीट मार्केट में 15 फीट का मगरमच्छ दिखाई दिया। ऐसे में जब युवाओं ने इसे देखा तो उन्होंने वन विभाग को सूचना देने के बजाय खुद की रस्सी से बांधकर उसके साथ सेल्फी लेने लगे।

पिछले सात दिनों में शिवपुरी में अलग-अलग इलाकों में निकल चुके हैं मगरमच्छ

शिवपुरी में पिछले सात दिन में तीन मगरमच्छ अलग-अलग इलाकों में निकल चुके हैं। खास बात यह है कि यहां पर युवा इन मगरमच्छों को खुद पकड़ रहे हैं। स्थानीय निवासी द्वारा इसकी वन विभाग मगरमच्छ की सूचना भी नदीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं युवा इन मगरमच्छों के साथ फो खिंचवा रहे हैं। शिवपुरी में जब लोगों ने 15 फीट के मगरमच्छ को देखा तो जोखिम उठाते हुए खुद ही रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद उसे कंधों पर उठाकर मस्ती करने लगे।

सेल्फी और वीडियो बनाने में जुटे युवा

इतना ही नहीं लोगों ने उसके साथ सेल्फी, फोटो और वी़डियो बनाई। ऐसे में इन युवाओं की लापरवाही उनको भारी पड़ सकती है! क्योंकि मगरमच्छ कभी-भी युवाओं पर हमला कर सकता है।

खतरनाक प्राणी है मगरमच्छ

बता दें कि मगरमच्छ पानी और धरती पर पाया जाने वाला खतरनाक जीव है। खुरदुरी खाल, उबड़-खाबड़ शरीर और मजबूत जबड़े वाला ये प्राणी ऐसा है कि देखने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये धरती के प्राचीनतम जीवों में से एक हैं और स्तनधारी और सरीसृप दोनों ही श्रेणियों में शामिल है।


भयानक और भयावह इस जीव की खाल बुलेटप्रूफ मानी जाती है, जिसे बंदूक की गोली द्वारा भी भेदा नहीं जा सकने का दावा किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी मानव द्वारा किये जाने वाले शिकार के कारण इसकी कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर है। इसकी खाल विश्व की सर्वश्रेष्ठ खालों में गिनी जाती है और फैशन इंडस्ट्रीज में बहुत लोकप्रिय है।