शिवसेना के नेता संजय राउत ने किया ये बड़ा काम

 शिवसेना के नेता संजय राउत ने किया ये बड़ा काम

महाराष्ट्र में शिवसेना की प्रतिनिधित्व वाली सरकार के गठन में शिवसेना के महान नेता व प्रदेश सभा सांसद राउत ने अहम किरदार निभाई.

भारतीय एक्सप्रेस के इनसाइड ट्रैक में छपी समाचार के मुताबिक इसकी एक बड़ी वजह है नेताओं संग संजय राउत का व्यवहार. वो जानते हैं कि पॉलिटिक्स में दोस्त कैसे बनाए जाते हैं. खास बात है कि राउत ने अपना करियर भारतीय एक्सप्रेस के मराठी अखबार के साथ वितरित की जाने वाली पत्रिका ‘लोकप्रभा’ में बौतर एक ‘कॉपी बॉय’ के रूप में प्रारम्भ किया.

इस दौरान उनकी मुलाकात दिवंगत शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे से हुई व वो उन्हें कार्य के लिए शिवसेना की पत्रिका ‘मार्मिक’ में ले आए. बाल ठाकरे भी कभी-कभी ‘लोकप्रभा’ के लिए कार्टून बनाते थे. बताया जाता है कि बाल ठाकरे संजय राउत के कार्य से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने राउत के शिवसेना के वैचारिक मुखपत्र ‘सामना’ का संपादक बना दिया.

इसके बाद जब बाल ठाकरे ने अपना सियासी उत्तराधिकारी उद्धव ठाकरे को घोषित किया तो राज ठाकरे पार्टी से बाहर हो गए. इस दौरान राउत उद्धव ठाकरे के साथ जुड़े रहे व ठाकरे की सार्वजनिक आवाज बने. हालांकि संजय राउत व्यक्तिगत तौर पर राज ठाकरे के दोस्त बने रहे. जरूरी बात यह है कि संजय राउत एनसीपी चीफ शरद पवार के भी बहुत ज्यादा करीब हैं. शिवसेना के पुराने नेता तो उन्हें पार्टी में पवार के आदमी के रूप में संदर्भित करते थे. एनसीपी को शिवसेना को समर्थन देने में शरद पवार संग उनके मधुर संबंध की एक बड़ी वजह रही.

बता दें कि महाराष्ट्र में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. हालांकि गठबंधन में चुनाव लड़ीं बीजेपी व शिवसेना को सरकार बनाने के लिए जरुरी 145 से ज्यादा सीटें जीत ली थीं. मगर वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कम सीटें मिलीं. दूसरी तरफ गठबंधन की सहयोगी शिवसेना ने बीजेपी को उसका कथित वादा याद दिलाते हुए बोला कि सरकार में दोनों पार्टियों की 50-50 की हिस्सेदारी होगी, चूंकि चुनाव पूर्व दोनों पार्टियों में इस पर सहमति बनी थी. बीजेपी आलाकमान ने शिवसेना संग पूर्व में किए गए किसी भी वादे से साफ मना कर दिया.

चुनाव परिणाम बाद दोनों पार्टियों में विवाद का दौर कई दिनों तक जारी रहा. शिवसेना एनसीपी-कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने की प्रयास में जुट गई. विरोधियों से मधुर संबंध के चलते संजय राउत को खासतौर पर इस कार्य में लगाया गया, मगर अजित पवार ने आकस्मित बीजेपी को समर्थन देकर देवेंद्र फडणवीस को एक बार फिर प्रदेश का सीएम बनाने में बड़ी किरदार निभाने की प्रयास की. इसके बदले में उन्हें उप सीएम का पद दिया गया. एनसीपी चीफ शरद पवार की चतुर रणनीति की चलते सारी उम्मीदें धराशाई हो गई व फडणवीस व अजित पवार को पद से त्याग पत्र देना पड़ा. इसके बाद उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के 19वें सीएम के रूप में शपथ ली.