जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने यह आतंकी ठिकाने का किया भंडाफोड़

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने यह आतंकी ठिकाने का किया भंडाफोड़

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया है व गोला-बारूद तथा अन्य सामग्री जब्त की हैं. पुलिस ने रविवार को बताया कि जब्त सामग्री में एक सैटेलाइट फोन भी शामिल है. पुलिस के एक ऑफिसर ने बताया कि उत्तर कश्मीर के सोपोर के राफियाबाद इलाके में ठिकाने का भंडाफोड़ हुआ.

उन्होंने बोला कि दो ए के राइफल, ए के राइफल की 2000 गोलियां, तीन आरपीजी चक्र, दो वायरलेस सेट व एक सैटेलाइट फोन जब्त किया गया है. ऑफिसर ने बताया कि मुद्दा दर्ज कर लिया गया है व जाँच जारी है.

श्रीनगर में साप्ताहिक मार्केट में रविवार को रही भारी भीड़
वहीं दूसरी ओर, श्रीनगर में रविवार को साप्ताहिक मार्केट में भारी भीड़ देखने को मिली जबकि शहर में कुछ अन्य स्थानों पर स्थित कुछ दुकानों ने अपने कामकाज के समय बढ़ा दिये. हालांकि अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान खत्म किये जाने के बाद कश्मीर में अनिश्चितता 118वें दिन भी जारी रही.

अधिकारियों ने बताया कि लोकल तौर पर 'संडे बाजार के नाम से जाने जाने वाला साप्ताहिक मार्केट खुला हुआ था व दुकानदारों ने लाल चौक सिटी सेंटर से टीआरसी चौक-बटमालू तक अपनी दुकानें लगायी थीं. अधिकारियों ने बताया कि बाजारा में खरीदारों की भारी भीड़ थी. कपड़ें व अन्य सामान खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे.

अधिकारियों ने बताया कि अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान रविवार (1 दिसंबर) प्रातः काल खुल गए थे. अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानें दोपहर के आसपास बंद कर दी थीं लेकिन वाणिज्यिक केन्द्र लाल चौक के आसपास के क्षेत्रों सहित अन्य इलाकों में कुछ दुकानें दोपहर बाद तक खुली रहीं.

उन्होंने बताया कि श्रीनगर के पुराने शहर स्थित दुकानें दोपहर तक खुली रहीं. कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में मार्केट में कामकाज का नया समय अपनाया जा रहा है. इसके तहत दुकानें प्रातः काल जल्दी खुल जाती हैं व दोपहर के आसपास बंद हो जाती हैं. यद्यपि कुछ क्षेत्रों में दुकानें प्रातः काल में नहीं खुलती व दुकानदार अपना कारोबार शाम में करते हैं.

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को अधिकांश सार्वजनिक वाहन सड़कों पर चल रहे थे. प्रीपेड मोबाइल फोन व सभी इंटरनेट सेवाएं पांच अगस्त से ही बंद हैं जब केन्द्र ने संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान खत्म करने व जम्मू और कश्मीर प्रदेश को दो हिस्सों में बांटने के फैसला की घोषणा की थी. दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती सहित मुख्य धारा के अधिकांश नेता व अलगाववादी नेता या तो हिरासत में हैं या घर में नजरबंद हैं.