विचारधारा का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने मुसलमान को लेकर कही ये बड़ी बात, पढ़े

विचारधारा का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने मुसलमान को लेकर कही ये बड़ी बात, पढ़े

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बीजेपी (बीजेपी) की विचारधारा का जिक्र करते हुए बोला कि मुसलमान जिगर का टुकड़ा है व सांप्रदायिक पॉलिटिक्स का सवाल ही पैदा नहीं होता। खबर एजेंसी IANS के मुताबिक, रक्षा मंत्री ने शनिवार को एजेंसी को दिए इंटरव्यू में इस धारणा को खारिज किया

कि नरेन्द्र मोदी सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरूद्ध है। उन्होंने मेरठ व मेंगलुरु में अपनी दो मेगा रैलियों का जिक्र करते हुए कहा, 'मैंने पहले भी अपनी मेरठ व मेंगलुरु की रैलियों में बोला है कि मुसलमान हिंदुस्तान का नागरिक व हमारा भाई है। वह हमारे जिगर का टुकड़ा है। '

राजनाथ सिंह ने शनिवार को बोला कि पीएम नरेंद्र मोदी की प्रतिनिधित्व में सरकार ने आरंभ से ही मुस्लिम नागरिकों के अंदर भय हटाने व उनमें आत्मविश्वास भरने की प्रयास की है। रक्षामंत्री ने कहा, 'कुछ ताकतें हैं, जो उन्हें भ्रमित कर रही हैं। लेकिन भाजपा किसी भी स्थिति में हिंदुस्तान के अल्पसंख्यकों के विरूद्ध नहीं जा सकती। पीएम नरेंद्र मोदी ने आरंभ से ही 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा दिया है। ' उन्होंने कहा, 'जाति, धर्म व रंग के आधार पर भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम इसके बारे में सोच भी नहीं सकते। '

सांप्रदायिक पॉलिटिक्स के लिए निहित स्वार्थ को जिम्मेदार ठहराते हुए सिंह ने कहा, 'कुछ ताकतें हैं, जो केवल वोट बैंक के बारे में ही सोचती हैं। ' सांप्रदायिक पॉलिटिक्स के लिए नेताओं को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, 'राजनीति महज वोटों के लिए नहीं बल्कि देश निर्माण करने के लिए करनी चाहिए। '

रक्षामंत्री ने बोला कि यहां तक कि जो हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास करते हैं, वे भी पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकते, क्योंकि हिंदुत्व का मतलब ही 'वसुधैव कुटुंबकम (दुनिया एक परिवार है)' है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसके अतिरिक्त बोला कि वह जम्मू और कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के नजरबंदी से जल्द रिहा होने की प्रार्थना कर रहे हैं व उम्मीद कर रहे हैं कि वे कश्मीर में दशा को सामान्य बनाने में सहयोग देंगे।

नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष प्रदेश का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को हटा दिया गया था, जिसके बाद प्रदेश को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू एवं कश्मीर व लद्दाख में विभाजित कर दिया गया। इसी समय से एहतियात के तौर पर जम्मू और कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों नेशनल कॉन्फ्रेंस से फारूक अब्दुल्ला व उनके बेटे उमर अब्दुल्ला व पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से महबूबा मुफ्ती सहित दर्जनों राजनेताओं को नजरबंद कर दिया गया था।

हालांकि इसके बाद से अधिकतर राजनेताओं को बरी कर दिया गया है, मगर तीनों पूर्व सीएम व एक दर्जन राजनेताओं को अभी भी नजरबंद रखा गया है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'कश्मीर शांतिपूर्ण रहा है। स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। सुधार के साथ-साथ इन फैसलों (नजरबंदी से राजनेताओं की रिहाई) को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार ने किसी को भी प्रताड़ित नहीं किया है। 'सरकार के निर्णय का बचाव करते हुए रक्षा मंत्री ने बोला कि कश्मीर के हितों में कुछ कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हर किसी को इसका स्वागत करना चाहिए। ' सिंह ने बोला कि फारूक उमर और मुफ्ती की जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि जब वह बाहर आएं तो कश्मीर की स्थिति को सुधारने में अपना सहयोग दें। '