पुलिस ने फील्ड यूनिट, सर्विलांस के साथ डॉग स्क्वायड का सहारा लेकर इस मुद्दे में किया सफलता हासिल

पुलिस ने फील्ड यूनिट, सर्विलांस के साथ डॉग स्क्वायड का सहारा लेकर इस मुद्दे में किया सफलता हासिल

दिल्‍ली-एनसीआर के प्रमुख शहरों में से एक गाजियाबाद में गत 31 मई को मसूरी थाना क्षेत्र के कुशालिया गांव निवासी विवेक की मर्डर (Vivek Murder Case) की गुत्थी सुलझती नहीं दिख रही थी।

 इस ब्लाइंड मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस ने फील्ड यूनिट, सर्विलांस के साथ डॉग स्क्वायड का भी सहारा लिया। लेकिन, पुलिस को उस वक्त बड़ी सफलता हाथ लगी जब डॉग स्क्वायड (Dog Squad) में शामिली डॉगी लीना ने कातिलों को खोज निकाला। लीना ने विवेक हत्याकांड के वास्तविक कातिलों तक पुलिस को पहुंचाया। लीना को इसके लिए नया पट्टा, गद्दा व प्रमोशन दिया गया है।

दरअसल, 31 मई को विवेक घर से जॉब के लिए निकले मगर वापस नहीं आये। 1 जून को विवेक का मृत शरीर मसूरी के ही एक खेत में पड़ा मिला। विवेक के पिता द्वारा 4 नामजद लोगों के विरूद्ध मर्डर का मुकदमा दर्ज कराया गया, लेकिन पुलिस ने इस सारे मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए इस केस की जाँच में फील्ड यूनिट, सर्विलांस के साथ डॉग स्क्वायड का भी सहारा लिया। इस ब्लाइंड केस में सबसे अहम किरदार निभाई डॉग स्क्वायड की फिमेल डॉग लीना ने। जाँच के दौरान घटनास्थल से सूंघते हुए लीना पास ही के गांव झुंडपुरा में पहुंची व वह एक घर के बाहर अपने पंजों से कुरेदना प्रारम्भ कर दिया। इतना ही नहीं, लीना वहां से आगे जाने को तैयार भी नहीं हो रही थी।

दबोचे गए तीनों कातिल
लीना की इस हारकर से पुलिसकर्मियों को ये आभास हो गया था कि विवेक की मर्डर के तार इस स्थान से जुड़े हुए हैं। फिर क्या था लोकल पुलिस के साथ मिलकर पुलिस टीम ने जाँच के बाद उसी स्थान के रहने वाले मोहसीन, आदिल व सलमान को अरैस्ट कर लिया। उनके पास से मृतक विवेक की मोटरसाइकिल, मोबाइल व खाने का टिफिन बरामद किया। गाजियाबाद एसएसपी ने इस ब्लाइंड हत्या मिस्ट्री को खोलने वाली टीम को जहां 10 हजार का पुरस्कार दिया है, वहीं इसी टीम में शामिल डॉग स्क्वायड की फीमेल डॉग लीना को नया पट्टा, नया गद्दा देने के साथ-साथ उसकी पदोन्नति भी की है।