अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

दिल्ली की एक जिला अदालत के भीतर शुक्रवार को गोलीबारी की घटना के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और राज्यों को अधीनस्थ अदालतों में सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों को प्रत्यक्ष रूप से पेश करने के बजाय निचली अदालत के समक्ष जेलों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दायर की है। एक अन्य वकील दीपा जोसेफ ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में जिला अदालतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया। दिल्ली की रोहिणी अदालत में गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर वकील के वेश में आए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए।


आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया

शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने शुक्रवार को यहां भीड़भाड़ वाले अदालत कक्ष के अंदर गोलीबारी पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल से बात की थी। तिवारी का आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया

इस याचिका में झारखंड में 28 जुलाई को धनबाद के जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन से कुचलकर हत्या के मामले का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। दिल्ली में हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए अर्जी में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं न केवल न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और अदालत परिसर में मौजूद अन्य लोगों के लिए बल्कि न्याय प्रणाली के लिए भी खतरा हैं।


बांग्लादेश में हिंदुओं से ज्यादती: कट्टरपंथियों के विरूद्ध इस्कॉन श्रद्धालु एकजुट, दुनिया के 700 मंदिरों पर प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं से ज्यादती: कट्टरपंथियों के विरूद्ध इस्कॉन श्रद्धालु एकजुट, दुनिया के 700 मंदिरों पर प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और इस्कॉन मंदिर में की गई तोड़-फोड़ के विरूद्ध संस्था से जुड़े श्रद्धालु शनिवार को सड़क पर उतर आए हैं. इस्कॉन के आह्वान पर पूरे विश्व के इस्कॉन श्रद्धालु हमले के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यह प्रदर्शन दुनिया के 150 राष्ट्रों में स्थित 700 इस्कॉन मंदिरों पर चल रहा है. न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से कोलकाता में चल रहे विरोध प्रदर्शन की फोटोज़ भी जारी की गई हैं.


एक श्रद्धालु की हुई थी मौत 
16 अक्तूबर को बांग्लादेश के नोआखाली में उपद्रवी भीड़ द्वारा इस्कॉन मंदिर पर हमला कर दिया गया था. इस दौरान भीड़ ने मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, जिसमें से श्रद्धालु की मृत्यु भी हो गई थी. इसके अतिरिक्त घटना से पहले भी दुर्गा पंडालों को बांग्लादेश में कई स्थान निशाना बनाया गया था. इन हमलों में भी चार हिंदुओं की मृत्यु हो गई थी. 

लगाई गई थी आग 
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के क्रम में कई हिंदू परिवारों के घरों में भी आग लगा दी गई थी. इन हमलों में 20 से अधिक घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए थे.