स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गृह मंत्रालय द्वारा दिया जाएगा शहीद मोहन चंद शर्मा को यह बड़ा अवार्ड

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गृह मंत्रालय द्वारा दिया जाएगा शहीद मोहन चंद शर्मा को यह बड़ा अवार्ड

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी बहादुरी व असाधारणीय कार्यों के पदक विजेताओं की सूची में शहीद मोहन चंद शर्मा (Mohan Chand Sharma) का नाम भी शामिल है। 

 जिन्होंने 12 वर्ष पहले बाटला हाउस एनकाउंटर (Batla house encounter) में अपनी जान देश के नाम कुर्बान कर दी थी। दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा ने 2005 में अयोध्या के अस्थायी मंदिर पर फिदायीन हमला करने वाले सैफुल्ला को 2007 में एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसके बाद से मुद्दा न्यायालय में चला आ रहा था। लेकिन पिछले वर्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सैफुल्ला की एनकाउंटर को ठीक करार दिया। जिसके बाद हिंदुस्तान सरकार ने अब जाकर मोहन चंद शर्मा समेत एनकाउंटर करने वाली पूरी पुलिस टीम को गैलेंट्री अवार्ड से नवाज़ा है।  

ये था पूरा मामला
बता दें कि वर्ष 2005 में अयोध्या राम जन्मभूमि वाले लोकेशन पर आतंकवादी संगठ जैश -ए -मोहम्मद के कुछ आतंकवादियों ने फिदायीन हमले को अंजाम दिया था। उन आतंकवादियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने वर्ष 2008 में एक विशेष टीम का गठन किया। उस मुद्दे की तफ्तीश में उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम भी जाँच में जुटी हुई थी। इस फिदाइन हमले को अंजाम देने वाले व साजिश रचने में पाकिस्तानी आतंकवादी आसिफ उर्फ कारी उर्फ सैफुल्ला भी शामिल था। उसके विरूद्ध गैर ज़मानती वारंट जारी किया गया था।  

स्पेशल सेल के मुताबिक आसिफ जैश-ए-मोहम्मद के डिवीजन कमांडर के तौर पर जम्मू और कश्मीर में कार्य कर रहा था व वह दिल्ली में बड़ी वारदात को अंजाम देने की प्रयास में जुटा हुआ था। इस विशेष ऑपरेशन में मोहन चंद शर्मा के साथ इंस्पेक्टर कैलाश बिष्ट , इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार , इंस्पेक्टर देवेन्द्र सिंह , एएसआई निसार अहमद शेख व एएसआई प्रवेश राठी ने बहुत ही हौसला व समझदारी से सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया था। स्पेशल सेल की टीम ने इस एनकाउंटर के बाद आतंकवादियों के पास से 63 लाख रुपये की नकदी , 5 किलोग्राग RDX, 12 हैंड ग्रेनेड , 10 इलेक्टॉनिक डेटोनेटर , 8 मोबाइल फोन, कई चाईनीज हथियार, एक सैटेलाइट फोन, जम्मू और कश्मीर के नाम से फर्जी पहचान लेटर व तीन गुप्त मैट्रिक्‍स कोड भी बरामद हुए थे। जो जैश के कोड वर्ड थे।

एनकाउंटर को ठीक ठहराने ने लग गए 13 साल। । ।
इस मुद्दे में पिछले कई वर्षों से मुद्दा न्यायालय में लंबित पड़ा हुआ था। करीब 12 वर्ष चली सुनवाई के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने  सैफुल्ला सहित अन्य आरोपियों को इलाहाबाद न्यायालय ने पिछले वर्ष 18 जून 2019 को दोषी माना। जिसके बाद ये प्रमाणित हो गया कि वो एनकाउंटर भी ठीक था व आतंकवादी भी। इसके बाद स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने इस मुद्दे को पिछले वर्ष पुरस्कार वाली श्रेणी के लिए पुलिस मुख्यालय के जरिये गृहमंत्रालय को भेजा था। जहां पर इसे स्वीकार कर लिया गया।  

शहीद इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा के नाम बना ये रिकॉर्ड।
शहीद इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा मिले इस गैलेंट्री अवार्ड मिलने के साथ ही उनका नाम देश में सबसे ज्यादा गैलेन्ट्री पदक पाने वाले पुलिस ऑफिसर की लिस्‍ट में शुमार हो गया है। मोहन चंद शर्मा के नाम अभी तक 9 बहादुरी पुरस्कार दर्ज थे। इस पदक के साथ ही उनकी संख्या 10 हो जाएगी। उनके बाद स्पेशल सेल में ही डीसीपी पद पर कार्यरत संजीव कुमार यादव का जगह है। जिनको आठ बार बहादुरी पदक प्राप्त हो चुके हैं। शहीद मोहन चंद शर्मा दिल्ली पुलिस के इकलौते ऐसे पुलिस ऑफिसर भी हैं। जिनको अशोक चक्र से नवाजा गया था।