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मध्यम वर्ग के लिए ये बड़ी सौगात देने जा रही है मोदी सरकार

  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना की घोषणा की है इस घोषणा से पहले पीएम आवास योजना (प्रधानमंत्री आवास योजना) के अनुसार राष्ट्र के निम्न और मध्यम आय वाले लोगों को घर बनाने या खरीदने में वित्तीय सहायता दी जा रही थी अब गवर्नमेंट ने वित्तीय साल 2025 के बजट में मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर खरीदने या बनाने के लिए एक नीति का प्रस्ताव रखा है इस योजना के अनुसार किराए के मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों, चॉलों और गैरकानूनी कॉलोनियों में रहने वाले मध्यम वर्ग के परिवारों को अपना घर खरीदने या बनाने के लिए गवर्नमेंट द्वारा सहायता दी जाएगी गवर्नमेंट द्वारा चलाई जाने वाली यह योजना ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ नीति के अनुसार होगी यह योजना पीएम आवास योजना (PMAY) का विस्तार नहीं है यह एक नयी योजना है जिसके लिए गवर्नमेंट योजना के लाभार्थियों को उनके आय स्तर, जगह और घर के प्रकार की पहचान करके सहायता करेगी

भारत में मध्यम वर्ग कौन है?

अब प्रश्न यह है कि मध्यम वर्ग के लोग कौन हैं? पश्चिमी राष्ट्रों में इस बारे में काफ़ी स्पष्टता है वहां बहुत संपन्न मध्यमवर्गीय परिवार आते हैं लेकिन हिंदुस्तान में इसकी कोई साफ परिभाषा नहीं है कई सर्वेक्षणों ने इस समूह की पहचान करने के लिए आय स्तरों का इस्तेमाल किया है पीपल रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी (PRICE) 2022 रिपोर्ट के अनुसार, प्रति साल 5 लाख रुपये से 30 लाख रुपये कमाने वाले परिवार मध्यम वर्ग के भीतर आते हैं लगभग 10 सालों के आंकड़ों पर आधारित एक विश्लेषण से पता चलता है कि कई लोग जो स्वयं को मध्यम वर्ग का बताते हैं, वे राष्ट्र की सबसे अधिक कमाई करने वाली जनसंख्या के शीर्ष 1-5 फीसदी में से एक हो सकते हैं इससे साफ़ पता चलता है कि मध्यवर्गीय परिवारों की आय वास्तव में बहुत कम है इससे जुड़ा परफेक्ट आंकड़ा उपभोक्ता खर्च और जनगणना के आंकड़े आने के बाद ही पता चलेगा

वैश्विक स्तर पर विद्वानों ने विभिन्न उपायों से मध्यम वर्ग की पहचान करने की प्रयास की है, लेकिन अभी तक कोई आम सहमति नहीं बन पाई है ब्रुकिंग्स की एक रिपोर्ट में बोला गया है कि मध्यम वर्ग की परिभाषा नकदी की 3 व्यापक श्रेणियों में से एक पर आधारित है, जो कमाई और उनकी साख से जुड़ी हुई है उन्हें शैक्षणिक उपलब्धियों, योग्यताओं और संस्कृति के माध्यम से भी पहचाना जा सकता है हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यम वर्ग को परिभाषित करने के लिए कोई सर्वमान्य नियम नहीं है हिंदुस्तान में भी इसे लेकर असमंजस की स्थिति है

यह योजना कैसे सहायता करेगी? हिंदुस्तान के तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग ने दुनिया का ध्यान खींचा है, लेकिन प्रश्न यह उठता है कि वास्तव में मध्यम वर्ग कौन है, इसके बारे में बहुत कम जानकारी है इस योजना के लाभार्थियों की पहचान के लिए गवर्नमेंट द्वारा तैयार किए गए मानकों के बाद ही कुछ जानकारी मिल सकेगी कि मध्यम वर्ग कौन है? अभी नए उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण और जनगणना डेटा जल्द आने की आसार नहीं है योजना के लिए लाभार्थियों का चयन आय स्तर, निवास जगह और आवास के आधार पर किया जा सकता है इसी आधार पर गवर्नमेंट द्वारा मध्यम वर्ग को परिभाषित किया जा सकता है आने वाले दिनों में इस योजना का फायदा किसे मिलेगा, इसकी जानकारी गवर्नमेंट स्वयं जारी कर सकती है

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