छत्तीसगढ़ और झारखंड में 16 सितंबर तक हो सकती है बारिश

छत्तीसगढ़ और झारखंड में 16 सितंबर तक हो सकती है बारिश

इस साल मानसून की बारिश राजधानी दिल्ली से लेकर तमिलनाडु और तेलंगाना समेत देश के विभिन्न हिस्सों पर मेहरबानी दिखा रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो अगले कुछ दिनों तक और देश के विभिन्न इलाकों में मानसून की बारिश के कारण ऐसा ही सुहावना मौसम रहने वाला है।

भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) की ओर से मिली नई जानकारी के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) पर डिप्रेशन बना हुआ है जो अंबिकापुर के पश्चिम में 130 किमी की दूरी पर है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 6 घंटों के दौरान यह कम दबाव वाला क्षेत्र बनाएगा। वहीं बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव का असर झारखंड में दिख रहा है। इसके कारण वहां जमकर बारिश हो रही है। सोमवार को ही रांची स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना बताते हुए चेतावनी जारी की गई थी और बताया था कि 16 सितंबर तक पूरे झारखंड में बारिश की संभावना बनी हुई है।

दिल्ली में भी बारिश का दौर जारी है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर में 15 और 16 सितंबर को भी तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और गुजरात में अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार गुजरात, महाराष्‍ट्र, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, ओडिशा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत भारत के मैदानी इलाकों में 16 सितंबर तक बारिश का अनुमान है।


वहीं उत्‍तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कोस्‍टल कर्नाटक, तमिलनाडु के कई जिलों में भी बौछारें पड़ सकती हैं। बता दें कि गुजरात के राजकोट और जामनगर में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात ऐसे हैं कि नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पद की शपथ लेने के तुरंत बाद वहां दौरे का फैसला लिया।

बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन के कारण तटीय राज्य ओडिशा में रिकार्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। राज्य के विशेष राहत आयुक्त कमिश्नर प्रदीप जेना ने बताया कि इससे राज्य में बाढ़ के हालात बन गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।


अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

दिल्ली की एक जिला अदालत के भीतर शुक्रवार को गोलीबारी की घटना के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और राज्यों को अधीनस्थ अदालतों में सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों को प्रत्यक्ष रूप से पेश करने के बजाय निचली अदालत के समक्ष जेलों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दायर की है। एक अन्य वकील दीपा जोसेफ ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में जिला अदालतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया। दिल्ली की रोहिणी अदालत में गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर वकील के वेश में आए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए।


आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया

शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने शुक्रवार को यहां भीड़भाड़ वाले अदालत कक्ष के अंदर गोलीबारी पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल से बात की थी। तिवारी का आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया

इस याचिका में झारखंड में 28 जुलाई को धनबाद के जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन से कुचलकर हत्या के मामले का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। दिल्ली में हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए अर्जी में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं न केवल न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और अदालत परिसर में मौजूद अन्य लोगों के लिए बल्कि न्याय प्रणाली के लिए भी खतरा हैं।