दिल्ली-एनसीआर में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया 3 दिन तक का मौसम का मिजाज

दिल्ली-एनसीआर में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया 3 दिन तक का मौसम का मिजाज

दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों के लिए मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है. कहने को पिछले महीने की 25 जून को ही मानूसन ने दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे दी थी, बावजूद इसके झमाझम बारिश नहीं हुई.

 अब तकरीबन एक पखवाड़ा बीतने को है, लेकिन लोगों को हल्की फुहार से ज्यादा राहत नहीं मिली है. वहीं, गर्मी व उमस से दिल्ली-एनसीआर के लोगों की तकलीफ बरकरार है. इस मामले में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) का बोलना है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के मौसम का मिजाज कमोबेश ऐसा ही बना रहेगा. इस दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी कोई खास परिवर्तन नहीं होगी.

बुधवार को हो सकती है बारिश, चल सकती है तेज हवा

वहीं, बुधवार को लेकर मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि प्रातः काल से बने घने बादल बुधवार दिनभरबादल छाए रहेंगे. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने व कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के संभावना हैं. अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमश: 33 व 24 डिग्री सेल्सियस रहने की आसार है.

3 दिन तक दिल्ली-एनसीआर में होगी हल्की बारिश

उधर, स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत (Skymet Weather chief meteorologist Mahesh Palawat) ने बताया कि मानसून ट्रफ एक बार फिर दिल्ली के उत्तर दिशा में आ गया है. लिहाजा, बुधवार को भी दिल्ली में अच्छी बारिश हो सकती है. इसके अतिरिक्त भी अगले दो तीन दिन दिल्ली में हल्की बारिश होती रहेगी.

मंगलवार को हल्की बारिश ने दिलाई उमस से राहत

इससे पहले मंगलवार को तेज हवा के साथ मानसून की रिमझिम फुहारों ने उमस भरी गर्मी से खासी राहत तो दी, लेकिन लो झमाझम बारिश की आस अधूरी ही है. दोपहर बाद रुक रुककर बारिश का जो दौर प्रारम्भ हुआ, वो देर शाम तक जारी रहा. बुधवार को भी बारिश व राहत का यह दौर ऐसे ही जारी रहने की आसार है. मंगलवार को प्रातः काल से ही बादल छाए हुए थे व सूरज के साथ लुकाछिपी खेल रहे थे.

मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. नमी का स्तर 90 से 67 फीसद रहा. बारिश शाम साढ़े पांच बजे तक पालम में 1.8 व रिज एरिया में भी 1.8 मिमी रिकॉर्ड हुई.