SIS लड़ाके को कारावास, न्यायालय ने कहा- सुधारने के सामान्य ढंग कार्य नहीं आएंगे

SIS लड़ाके को कारावास, न्यायालय ने कहा- सुधारने के सामान्य ढंग कार्य नहीं आएंगे

तिरुवनंतपुरम।  केरल (Kerala) स्थित कोच्चि (Kocchi) की एक NIA न्यायालय ने सोमवार को एक आदमी को आजीवन जेल की सजा सुनायी जिसे जानबूझकर ISIS (ISIS) में शामिल होने व बाद में इस खतरनाक आतंकी संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए इराक जाने का दोषी ठहराया गया था। विशेष एनआईए न्यायालय ने इसके साथ ही केरल निवासी सुब्हानी हजा मोइदीन पर 2,10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसे एनआईए ने 2016 में तमिलनाडु में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों एवं प्रदेश पुलिस की सहायता से की गई एक कार्रवाई के बाद हिरासत में लिया था। सजा सुनाते हुए एनआईए न्यायालय ने बोला कि 'इसने कितनी सरलता से तुर्की में कांसुल जनरल को धोखा दिया। किसी से बात करने के लिए एक ही ब्रांड का फोन प्रयोग करना व शख्स ने अपनी वापसी  के बारे में किसी को नहीं बताया। यह दिखाता है कि इन्हें सुधारने के लिए सामान्य ढंग शायद ही कार्य आएं। '

एनआईए के अनुसार, 'मोइदीन अप्रैल 2015 में चेन्नई से रवाना हुआ व सीरिया व इराक में आईएसआईएस के युद्ध में शामिल होने के इरादे से इस्तांबुल के माध्यम से मोसुल, इराक पहुंचा। '



अनफिट करार दिया गया सुब्हानी
उसे 25 दिनों का 'धार्मिक प्रशिक्षण' व 21 दिनों का 'हथियार प्रशिक्षण' दिया गया था, जो मुख्य रूप से ऑटोमेटिक राइफ़ल्स को डिसममेंटल व फिर असेंबल करने से जुड़ा था।   शारीरिक प्रशिक्ष के रूप में  मोइदीन को किकिंग प्रैक्टिस करने के लिए बोला गया था, जिसमें वह अपने दाहिने पैर के साथ एक किक पूरा करने के बाद अपने बाएं पैर पर उतरना था। । हालांकि  उसके कबूलनामे के अनुसार, वह अच्छा से उतरने में विफल रहा, उसके बाएं घुटने में 'बिजली का झटका जैसा दर्द'महसूस हुआ, व खुरदरी सीमेंट की फर्श पर गिर गया। उसके ट्रेनर्स ने बाद में उसे अनफिट करार दिया, व उन्हें गार्ड ड्यूटी पर लगाया।

एक दिन, जब वह गार्ड ड्यूटी पर था, एक शेलिंग में दो लड़ाकों को मार दिए गए जिसके लिए मोइदीन ने खुद को दोषी ठहराया। उसने घर लौटने की अनुमति मांगी, जिसे खारिज कर दिया गया व मोइदीन को कारागार में डाल दिया गया। अंत में उसे एक अकेला छोड़ दिया गया जहां से उसने तुर्की में सीमा पार की।   इस्तांबुल में वाणिज्य दूतावास में, उन्होंने झूठ कहा कि वह एक पर्यटक था जिसके दस्तावेज गुम हो गए। उसने बताया कि यहां  वह एक सूफी समूह के साथ था। सितंबर 2015 में वह हिंदुस्तान लौट आया।

साल 2016 में NIA ने दर्ज किया था केस
देश वापस लौटकर मोइदीन ने आईएसआईएस को पसंद करने वालों से सम्पर्क किया। जिनसे वह सोशल मीडिया पर मिला था। एनआईए के अनुसार  'उसने दो नकली सिम कार्ड भी खरीदे। उसने क्लोरेट, फॉस्फोरस, सल्फर व एल्यूमीनियम पाउडर, (विस्फोटक) में से प्रत्येक को 50 किलोग्राम इकट्ठा करने की प्रयास की जो 5 किमी के दायरे तक के क्षेत्र को नष्ट कर सकता है। '

एनआईए ने मुद्दा अक्टूबर 2016 में इस विश्वसनीय सूचना के आधार पर दर्ज किया कि कुछ युवाओं ने एक षड्यंत्र रचा है व आतंकी संगठन ISIS के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए हिंदुस्तान में आतंकी हमले करने की तैयारी कर रहे हैं। एनआईए के अनुसार तीन अक्टूबर 2016 को तमिलनाडु के तिरुनवेली जिले में स्थित मोइदीन के मकान पर छापा मारा गया था जिससे ऐसी सामग्री बरामद हुई जिससे पश्चिम एशिया में प्रयत्न वाले क्षेत्र में उसकी यात्रा करने का पता चला व उसे पांच अक्टूबर को अरैस्ट कर लिया गया।