झाडिय़ों में फेंका था कलेजा का टुकड़ा, पत्थरों के बीच मृत्यु को भी हराया

झाडिय़ों में फेंका था कलेजा का टुकड़ा, पत्थरों के बीच मृत्यु को भी हराया

भोपाल/रायसेन कलयुगी माता पिता का एक कारनामा नेशनल हाइवे पर नजर आया, उन्होंने कितनी निर्दयता के साथ महज सात दिन के मासूम को झाडिय़ों के बीच फेंक दिया था, यह तो अच्छा हुआ कि समय रहते उस पर लोगों की नजर पड़ गई, वरना वह पत्थरों के बीच ही दम तोड़ देता.

मामला रायसेन जिले के उदयपुरा क्षेत्र का है, रविवार प्रातः काल करीब 8 बजे थाना क्षेत्र से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 12 स्थित नूरनगर एवं छातेर जोड़ के नजदीक बीच हाइवे के किनारे एक कपड़े में लिपटा सात दिन का बालक झाडिय़ों में मिला, उसे सड़क कंपनी के एक कर्मचारी ने देखा और आसपास परिजन की तलाश की, वहीं मौके पर उपस्थित लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई इस बारे में कुछ बता नहीं सका.


पत्थरों के बीच जीता जंग


वैसे तो जहां बच्चे को फेंका गया था, वहां से उसका स्वस्थ मिलना किसी बड़ी बात से कम नहीं है. क्योंकि वहां झाडिय़ों के अतिरिक्त बहुत ज्यादा पत्थर भी थे, ऐसे में बच्चे को कोई जहरीला जीव-जंतु भी नुकसान पहुंचा सकता था, लेकिन बच्चा इस विपरित परिस्थति में भी स्वस्थ रहा.

डायल 100 की सहायता से पहुंचाया चाईल्ड लाइन

काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब कोई नजर नहीं आया तो उदयपुरा थाने पर सूचना दी, जहां से 100 डायल की सहायता से बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां मेडिकल अधिकारी डॉ महेंद्र धाकड़ और शिशु रोग जानकार डॉ विजयकुमार मालानी ने बच्चे की जाँच की, बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ था. इसके बाद बच्चे को कपड़े पहनाकर दूध पिलाया गया.

महिलाओं की बनाई टीम


महिला बाल विकास विभाग पर्यवेक्षक मेघा त्रिपाठी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बुलाया गया उनके साथ स्वास्थ्य विभाग की एएनएम को मिलाकर एक टीम बनाई गई. और बच्चे को एंबुलेंस से जिला हॉस्पिटल भेजा गया, जहां से उसे चाइल्ड लाइन के सुपूर्द किया जाएगा.


मात-पिता के विरूद्ध केस दर्ज


फिलहाल हमने अज्ञात माता पिता के विरूद्ध दर्ज कर जाँच में लिया है, बच्चे के परिजन की तलाश कर रहे हैं.


बांग्लादेश में हिंदुओं से ज्यादती: कट्टरपंथियों के विरूद्ध इस्कॉन श्रद्धालु एकजुट, दुनिया के 700 मंदिरों पर प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं से ज्यादती: कट्टरपंथियों के विरूद्ध इस्कॉन श्रद्धालु एकजुट, दुनिया के 700 मंदिरों पर प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और इस्कॉन मंदिर में की गई तोड़-फोड़ के विरूद्ध संस्था से जुड़े श्रद्धालु शनिवार को सड़क पर उतर आए हैं. इस्कॉन के आह्वान पर पूरे विश्व के इस्कॉन श्रद्धालु हमले के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यह प्रदर्शन दुनिया के 150 राष्ट्रों में स्थित 700 इस्कॉन मंदिरों पर चल रहा है. न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से कोलकाता में चल रहे विरोध प्रदर्शन की फोटोज़ भी जारी की गई हैं.


एक श्रद्धालु की हुई थी मौत 
16 अक्तूबर को बांग्लादेश के नोआखाली में उपद्रवी भीड़ द्वारा इस्कॉन मंदिर पर हमला कर दिया गया था. इस दौरान भीड़ ने मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, जिसमें से श्रद्धालु की मृत्यु भी हो गई थी. इसके अतिरिक्त घटना से पहले भी दुर्गा पंडालों को बांग्लादेश में कई स्थान निशाना बनाया गया था. इन हमलों में भी चार हिंदुओं की मृत्यु हो गई थी. 

लगाई गई थी आग 
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के क्रम में कई हिंदू परिवारों के घरों में भी आग लगा दी गई थी. इन हमलों में 20 से अधिक घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए थे.