घर-घर राशन योजना: केजरीवाल पर आक्रोशित संबित पात्रा, कहा...

घर-घर राशन योजना: केजरीवाल पर आक्रोशित संबित पात्रा, कहा...

राजधानी दिल्ली में घर-घर राशन योजना को लेकर अब पॉलिटिक्स शुरुआत हो चुकी है. हाल ही में बीजेपी ने दिल्ली के सीएम के आरोपों पर पलटवार किया है. जी दरअसल बीजेपी के राष्ट्रीय प्रतिनिधि संबित पात्रा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इस दौरान उन्होंने कहा, “दिल्ली के सीएम ने आज बात रखी है कि मोदी जी दिल्ली की गरीब जनता को उनके अधिकार से वंचित रख रहे हैं और ‘घर-घर राशन योजना’ रोकने की प्रयास कर रहे हैं जबकि ऐसा नहीं हैं. मोदी जी नेशनल फूड सेक्यूरिटी एक्ट और पीएम गरीब कल्याण योजना के जरिए दिल्ली के जरूरतमंदों को राशन पहुंचा रहे हैं.”

इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बोला कि, “मोदी सरकार ने दिल्ली को नेशनल फूड सेक्युरिटी एक्ट के अनुसार अभी तक 37,400 मीट्रिक टन अन्न भेजा है. पीएम गरीब कल्याण अन्य योजना के अनुसार मई से 5 जून तक दिल्ली को तय कोटे से अधिक 72,782 मीट्रिक टन अन्न भेजा गया है, जिनमें से दिल्ली अब तक 53,000 मीट्रिक टन अन्न ही उठा पाई है और इसका मात्र 68 फीसदी ही वे जनता को बांट पाए हैं.”

आगे प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ''नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के अनुसार दिल्ली सरकार प्रति किलो गेहूं के लिए मात्र 2 रुपये देती है और केन्द्र सरकार 23.7 रुपये प्रति किलो देती है. वहीं, प्रति किलो चावल के लिए दिल्ली सरकार मात्र 3 रुपये देती है और केन्द्र सरकार 33.79 रुपये प्रति किलो देती है. दिल्ली सरकार इसके अलावा भी राशन बांटना चाहती है, तो इसके लिए वह राशन खरीद सकती है. जो नोटिफाइड रेट हैं, उस पर राशन खरीदा जा सकता है.''

इसके अतिरिक्त उन्होंने यह तक बोला कि, ''यानी जिस रेट पर अन्य राज्यों को मिलेगा, उसी रेट पर दिल्ली सरकार भी खरीद सकती है. इस पर केन्द्र सरकार को किसी तरह की असहमति नहीं होगी. दिल्ली सरकार के कार्य करने का उपाय हम आपको बताते हैं. वन नेशन-वन राशन कार्ड का प्रावधान केन्द्र सरकार ने किया था, लेकिन दिल्ली की सरकार ने इस विषय पर आगे बढ़ने से मना कर दिया, जिस वजह से हजारों श्रमिक आज राशन लेने से वंचित रह गए हैं.''


शिव मार्केट में पानी के साथ आया 15 फीट का मगरमच्छ, जान जोखिम में डाल युवा खिंचा रहे फोटो

शिव मार्केट में पानी के साथ आया 15 फीट का मगरमच्छ, जान जोखिम में डाल युवा खिंचा रहे फोटो

मध्य प्रदेश में कई ऐसी नदियां हैं, जहां भारी बारिश के चलते अक्सर जल स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में इन नदियों में मगरमच्छों की भरमार भी मिलती है। कभी-कभी तो पानी बहकर शहरों एवं गावों तक पहुंच जाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि बुधवार को शिवपुरी की मीट मार्केट में 15 फीट का मगरमच्छ दिखाई दिया। ऐसे में जब युवाओं ने इसे देखा तो उन्होंने वन विभाग को सूचना देने के बजाय खुद की रस्सी से बांधकर उसके साथ सेल्फी लेने लगे।

पिछले सात दिनों में शिवपुरी में अलग-अलग इलाकों में निकल चुके हैं मगरमच्छ

शिवपुरी में पिछले सात दिन में तीन मगरमच्छ अलग-अलग इलाकों में निकल चुके हैं। खास बात यह है कि यहां पर युवा इन मगरमच्छों को खुद पकड़ रहे हैं। स्थानीय निवासी द्वारा इसकी वन विभाग मगरमच्छ की सूचना भी नदीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं युवा इन मगरमच्छों के साथ फो खिंचवा रहे हैं। शिवपुरी में जब लोगों ने 15 फीट के मगरमच्छ को देखा तो जोखिम उठाते हुए खुद ही रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद उसे कंधों पर उठाकर मस्ती करने लगे।

सेल्फी और वीडियो बनाने में जुटे युवा

इतना ही नहीं लोगों ने उसके साथ सेल्फी, फोटो और वी़डियो बनाई। ऐसे में इन युवाओं की लापरवाही उनको भारी पड़ सकती है! क्योंकि मगरमच्छ कभी-भी युवाओं पर हमला कर सकता है।

खतरनाक प्राणी है मगरमच्छ

बता दें कि मगरमच्छ पानी और धरती पर पाया जाने वाला खतरनाक जीव है। खुरदुरी खाल, उबड़-खाबड़ शरीर और मजबूत जबड़े वाला ये प्राणी ऐसा है कि देखने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये धरती के प्राचीनतम जीवों में से एक हैं और स्तनधारी और सरीसृप दोनों ही श्रेणियों में शामिल है।


भयानक और भयावह इस जीव की खाल बुलेटप्रूफ मानी जाती है, जिसे बंदूक की गोली द्वारा भी भेदा नहीं जा सकने का दावा किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी मानव द्वारा किये जाने वाले शिकार के कारण इसकी कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर है। इसकी खाल विश्व की सर्वश्रेष्ठ खालों में गिनी जाती है और फैशन इंडस्ट्रीज में बहुत लोकप्रिय है।