इन इलाकों में होगी भारी बारिश, समय से पहले पहुंचा मानसून

इन इलाकों में होगी भारी बारिश, समय से पहले पहुंचा मानसून

पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मानसून कम से कम एक सप्ताह पहले ही उत्तराखंड पहुंच गया भारतीय मौसम विज्ञान केन्द्र की मानें तो बीते रविवार को ही प्रदेश में दक्षिण पश्चिमी मानसून की दस्तक सुनाई दी और कई स्थानों पर इस मौसम की बारिश हुई यूपी के पश्चिमी हिस्सों समेत तकरीबन पूरे उत्तराखंड में मानसून समय से पहले ही पहुंच गया क्योंकि इस वर्ष रिविज़न के बाद मौसम विभाग ने मानसून के प्रदेश में पहुंचने की सामान्य दिनांक 20 जून मानी थी हालांकि ताज़ा अनुमान में बीते शनिवार को ही विभाग ने यह भी बोला था कि इस बार प्रदेश में मानसून शीघ्र पहुंच सकता है इधर, अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की आसार भी है

मौसम विभाग की मानें तो पिछले वर्ष 22 जून को उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दी थी और 24 जून तक यह पूरे प्रदेश में पहुंचा था आंचलिक मौसम केन्द्र के रोहित थपलियाल के अनुसार दक्षिण पश्चिमी मानसून के आने के बाद आने वाले दिनों में बारिश बढ़ेगी और तेज़ भी होगी बीते 24 घंटों में उत्तरकाशी शहर में 490 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई इसके अलावा, रुद्रप्रयाग और देहरादून ज़िलों में कुछ जगहों पर अच्छी बारिश हुई अगले ​चार दिनों के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है


कहां कितनी हो सकती है बारिश?

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार पिथौरागढ़ और बागेश्वर में आज सोमवार को भारी बारिश हो सकती है वहीं, कल मंगलवार को पिथौरागढ़ के साथ ही उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और नैनीताल जनपदों के हिस्सों में भारी बारिश की आसार है कुल मिलाकर 17 जून तक की स्थिति तकरीबन इसी तरह रहेगी और पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश तक होने की भविष्यवाणी है 15 दिनांक से पहाड़ों को लेकर ऑरेंज अलर्ट रहेगा इस दौरान लोगों को हिदायत भी जारी की गई है कि वे भूस्खलन और नदियों के तेज़ बहाव को लेकर सावधान रहें

पड़ोस में क्या है हाल?

उत्तराखंड की तरह, हिमाचल प्रदेश में भी मानसून करीब 10 दिन पहले पहुंच गया पिछले वर्ष हिमाचल में मानसून 24 जून को पहुंचा था, जबकि प्रदेश में मानसून की आमद की सामान्य दिनांक 26 जून रही है दूसरी तरफ, दिल्ली में मानसून 15 जून को अपनी आमद दर्ज करवा सकता है वहीं, यूपी के उत्तरी और पश्चिमी ज़िलों में अगले कुछ दिनों के भीतर भारी बारिश तक के संभावना जताए गए हैं


शिव मार्केट में पानी के साथ आया 15 फीट का मगरमच्छ, जान जोखिम में डाल युवा खिंचा रहे फोटो

शिव मार्केट में पानी के साथ आया 15 फीट का मगरमच्छ, जान जोखिम में डाल युवा खिंचा रहे फोटो

मध्य प्रदेश में कई ऐसी नदियां हैं, जहां भारी बारिश के चलते अक्सर जल स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में इन नदियों में मगरमच्छों की भरमार भी मिलती है। कभी-कभी तो पानी बहकर शहरों एवं गावों तक पहुंच जाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि बुधवार को शिवपुरी की मीट मार्केट में 15 फीट का मगरमच्छ दिखाई दिया। ऐसे में जब युवाओं ने इसे देखा तो उन्होंने वन विभाग को सूचना देने के बजाय खुद की रस्सी से बांधकर उसके साथ सेल्फी लेने लगे।

पिछले सात दिनों में शिवपुरी में अलग-अलग इलाकों में निकल चुके हैं मगरमच्छ

शिवपुरी में पिछले सात दिन में तीन मगरमच्छ अलग-अलग इलाकों में निकल चुके हैं। खास बात यह है कि यहां पर युवा इन मगरमच्छों को खुद पकड़ रहे हैं। स्थानीय निवासी द्वारा इसकी वन विभाग मगरमच्छ की सूचना भी नदीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं युवा इन मगरमच्छों के साथ फो खिंचवा रहे हैं। शिवपुरी में जब लोगों ने 15 फीट के मगरमच्छ को देखा तो जोखिम उठाते हुए खुद ही रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद उसे कंधों पर उठाकर मस्ती करने लगे।

सेल्फी और वीडियो बनाने में जुटे युवा

इतना ही नहीं लोगों ने उसके साथ सेल्फी, फोटो और वी़डियो बनाई। ऐसे में इन युवाओं की लापरवाही उनको भारी पड़ सकती है! क्योंकि मगरमच्छ कभी-भी युवाओं पर हमला कर सकता है।

खतरनाक प्राणी है मगरमच्छ

बता दें कि मगरमच्छ पानी और धरती पर पाया जाने वाला खतरनाक जीव है। खुरदुरी खाल, उबड़-खाबड़ शरीर और मजबूत जबड़े वाला ये प्राणी ऐसा है कि देखने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये धरती के प्राचीनतम जीवों में से एक हैं और स्तनधारी और सरीसृप दोनों ही श्रेणियों में शामिल है।


भयानक और भयावह इस जीव की खाल बुलेटप्रूफ मानी जाती है, जिसे बंदूक की गोली द्वारा भी भेदा नहीं जा सकने का दावा किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी मानव द्वारा किये जाने वाले शिकार के कारण इसकी कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर है। इसकी खाल विश्व की सर्वश्रेष्ठ खालों में गिनी जाती है और फैशन इंडस्ट्रीज में बहुत लोकप्रिय है।