सीएए के विरूद्ध शाहीन बाग में कालिंदी कुंज-नोएडा मेन रोड का घेराव करके बैठे लोग

सीएए के विरूद्ध शाहीन बाग में कालिंदी कुंज-नोएडा मेन रोड का घेराव करके बैठे लोग

हाल ही में सीएए के विरूद्ध शाहीन बाग में कालिंदी कुंज-नोएडा मेन रोड का घेराव करके बैठे लोगों को 32 दिन हो चुके है। सत्याग्रह पर बैठी स्त्रियों का बोलना है कि सीएए कानून वापस लेने तक वे यहां से हिलेंगी भी नहीं। 

लेकिन किसी ने जोर-जबरदस्ती उठाने की जुर्रत भी की तो यहीं जान दे देंगी। वहीं सरिता विहार, जसोला विहार समेत आसपास की दर्जनभर कॉलोनियों के लोगों ने अशोक बिधूड़ी के नेतृत्व में साउथ-ईस्ट डीसीपी के दफ्तर का घेराव किया व चेतावनी दी कि मंगलवार शाम तक सड़क नहीं खुली तो दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद के सारे रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। जिसके पहले बीते रविवार यानी 12 जनवरी 2020 को पुलिस ने दो दिन में सड़क खाली कराने का आश्वासन दिया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते सोमवार को दिन में लोकल थाना प्रभारी ने शाहीन बाग में प्रदर्शनस्थल पर जाकर लोगों से कम से कम सड़क की एक साइड खोल देने की अपील की। लोगों ने उनकी अपील को मानने से इन्कार कर दिया। वहीं स्त्रियों ने साफ कह दिया कि वे किसी सूरत में यह सड़क खुलने नहीं देंगी। लेकिन बीते सोमवार शाम इलाके के दर्जनों लोग साउथ-ईस्ट डीसीपी के दफ्तर पहुंचे व किसी भी सूरत में कल शाम तक कम से कम सड़क की एकसाइड खोलने की मांग रखी। उनका बोलना था कि 10 फरवरी से उनके बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं प्रारम्भ हो रही हैं। बच्चों व खुद को हो रही कठिनाई झेलते एक माह बीत चुका है। डीसीपी ने समस्या के निवारण के लिए लोकल नेताओं से बात करके हल निकालने का आश्वासन दिया है।

स्थानीय थाना प्रभारी करते रहे मिन्नत: आपकी जानकरी के लिए हम आपको इस समय शाहीन बाग में सड़क खाली कराने के लिए पुलिस पर किस कदर दबाव है, इसे इसी से समझा जा सकता है कि बीते सोमवार यानी 13 जनवरी 2020 को लोकल थाना प्रभारी प्रदर्शन स्थल पर जाकर लोगों से मिन्नत करते रहे। लेकिन उन्होंने बोला कि इधर आप चौबीस घंटे सड़क पर हो, उधर हम भी सड़क पर ही बैठे हुए हैं। कम से कम एक तरफ की सड़क खुल जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को हो रही कठिनाई दूर हो जाएगी। उनकी बात किसी ने नहीं सुनी।