विदेश यात्रा करने वालों को कोविन एप पर मिलेगी खास सहूलियत

विदेश यात्रा करने वालों को कोविन एप पर मिलेगी खास सहूलियत

विदेश यात्रा करने वालों के लिए सरकार खास सहूलियत देने जा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि जो लोग पूरी तरह से कोविड-19 रोधी वैक्‍सीन लगवा चुके हैं और विदेश यात्रा करना चाहते हैं उनके पास उनकी पूरी जन्मतिथि के साथ एक CoWin प्रमाणपत्र होगा। यह पहलकदमी ऐसे वक्‍त में सामने आई है जब भारत और ब्रिटेन के बीच कोविड टीकाकरण प्रमाणपत्रों को लेकर बातचीत चल रही है। मालूम हो कि मौजूदा वक्‍त में CoWin प्रमाणपत्र पर अन्य विवरणों के अलावा जन्म के साल के आधार पर लाभार्थी की उम्र का उल्लेख होता है। 

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक नई सुविधा विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के मानदंडों के अनुपालन में पेश की जा रही है। इसके अगले हफ्ते से उपलब्ध होने की संभावना है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि यह तय किया गया है कि CoWin एप्‍लीकेशन में एक नई सुविधा जोड़ी जाएगी। इसके तहत जो लोग पूरी तरह से वैक्‍सीन लगवा चुके हैं और विदेश यात्रा करना चाहते हैं उनके टीकाकरण प्रमाणपत्र पर जन्म की पूरी तारीख दर्ज होगी।


मालूम हो कि ब्रिटेन ने बुधवार को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के भारतीय निर्मित संस्करण को कोविड-19 रोधी टीकों की अपनी अद्यतन सूची में शामिल करने के लिए अपने नए यात्रा दिशानिर्देशों में संशोधन किया था। ब्रिटेन के कोविशील्ड को मान्यता देने से इनकार करने की भारत ने कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद ब्रिटेन ने अपनी अद्यतन अंतर्राष्ट्रीय यात्रा सलाह में कोविशील्‍ड वैक्सीन को शामिल किया है।

 
गौर करने वाली बात यह है कि ब्रिटेन सरकार ने भारत को उन 18 देशों की सूची से बाहर रखा है जिनके यहां के टीकों को स्वीकृत किया गया है। ऐसे में भले ही कोविशील्ड को यात्रा संबंधी ब्रिटिश दिशानिर्देशों में शामिल किया गया है लेकिन उसकी दो खुराक ले चुके भारतीय यात्रियों को ब्रिटेन में अब भी 10 दिनों के लिए पृथक-वास में रहना होगा। ब्रिटेन के नए अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियम चार अक्टूबर से प्रभावी होंगे। ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि कोविशील्‍ड वैक्सीन को शामिल करने से बहुत फर्क नहीं पड़ेगा।


बांग्लादेश में हिंदुओं से ज्यादती: कट्टरपंथियों के विरूद्ध इस्कॉन श्रद्धालु एकजुट, दुनिया के 700 मंदिरों पर प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं से ज्यादती: कट्टरपंथियों के विरूद्ध इस्कॉन श्रद्धालु एकजुट, दुनिया के 700 मंदिरों पर प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और इस्कॉन मंदिर में की गई तोड़-फोड़ के विरूद्ध संस्था से जुड़े श्रद्धालु शनिवार को सड़क पर उतर आए हैं. इस्कॉन के आह्वान पर पूरे विश्व के इस्कॉन श्रद्धालु हमले के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यह प्रदर्शन दुनिया के 150 राष्ट्रों में स्थित 700 इस्कॉन मंदिरों पर चल रहा है. न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से कोलकाता में चल रहे विरोध प्रदर्शन की फोटोज़ भी जारी की गई हैं.


एक श्रद्धालु की हुई थी मौत 
16 अक्तूबर को बांग्लादेश के नोआखाली में उपद्रवी भीड़ द्वारा इस्कॉन मंदिर पर हमला कर दिया गया था. इस दौरान भीड़ ने मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, जिसमें से श्रद्धालु की मृत्यु भी हो गई थी. इसके अतिरिक्त घटना से पहले भी दुर्गा पंडालों को बांग्लादेश में कई स्थान निशाना बनाया गया था. इन हमलों में भी चार हिंदुओं की मृत्यु हो गई थी. 

लगाई गई थी आग 
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के क्रम में कई हिंदू परिवारों के घरों में भी आग लगा दी गई थी. इन हमलों में 20 से अधिक घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए थे.