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जिला कलक्टर : एक ब्रेन डेड व्यक्ति 9 मरीजों की बचा सकता है जिन्दगी

भीलवाड़ा। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि एक ब्रेन डेड व्यक्ति 9 मरीजों की जिन्दगी बचा सकता है। अंग दान बहुत ही पुनीत कार्य है। समाज में अंगदान को लेकर चल रही भ्रांतियो को हमे मिटाना होगा।अंगदान को बढावा देना होगा। कलक्टर मेहता ने ये बातें अपने कार्यालय में जायंट्स वेलफेयर फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत शहर के नागरिकों को जागरूक करने के लिए बनाये गये पोस्टरो के विमोचन के अवसर पर कही।

इस अवसर पर संस्था के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष जायेंट्स सुरेन्द्र जैन,यूनीट संचालक पूर्व सभापति मंजु पोखरणा,संचालक अनिल छाजेड़,उद्योगपति भरत मानसिंहका,समाजसेविका मृदुला मानसिंहका,रिपुंजय, मोहम्मद हारुन एवं सेजल सहित कई उपस्थित थें। सुरेन्द्र जैन ने कहा की अशिक्षा,उचित मार्गदर्शन की कमी, जागरूकता की कमी,सर्जरी का डर आदि कुछ प्रमुख कारण हैं जो किसी व्यक्ति को ऐसी दान प्रथाओं में शामिल होने से रोकते हैं।

अंग दान प्रक्रियाओं से संबंधित गलतफहमियों के कारण लोग अंग दान करने से झिझकते हैं। अंगदान के बारे में मिथकों और भ्रांतियों को लोगों के मन से दूर करना होगा। इस काम के लिए जायंट्स की भीलवाड़ा टीम प्रदेश उपाध्यक्ष केएल गिल्होत्रा के निर्देशन में कार्य करेगी। देश मे एक लाख से अधिक मरीज किडनी,लिवर,पेन क्रियास,हार्ट,लंग्स आदि ऑर्गन डोनेशन का इंतजार कर रहे है,बिना ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लगभग 20 के करीब मरीज प्रतिदिन दुनिया छोड़ रहे है। अनिल छाजेड के अनुसार डब्लूटीओ की रिपोर्ट के अनुसार केवल .01 प्रतिशत लोग ही भारत मे अंगदान करते है,जबकी अमेरिका,अर्जेंटीना व यूरोप में अंगदान के प्रति लोग काफी जागरूक है।

 

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