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पीएम मोदी और राहुल गांधी के पोस्टरों को लेकर तकरार

बैंगलोर: पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस पार्टी सांसद राहुल गांधी के पोस्टरों को लेकर जारी खींचतान के बीच कर्नाटक के डिप्टी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बोला कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी अगले चुनाव में राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे कांग्रेस पार्टी नेता ने बोला कि बीजेपी राहुल गांधी की लोकप्रियता से डर गई है, क्योंकि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद राहुल के बारे में जो धारणा बीजेपी ने बनाने की प्रयास की थी, वह बदल गई है

पीएम मोदी और राहुल गांधी के पोस्टरों को लेकर भाजपा-कांग्रेस में तकरार के बीच कर्नाटक के डिप्टी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बोला कि, ‘भाजपा राहुल गांधी की लोकप्रियता से काफी डर गई है बीजेपी ने राहुल के बारे में जो धारणा बनाने की प्रयास की थी, वो हिंदुस्तान जोड़ो यात्रा के बाद बदल गई है वह ऐसे नेता हैं जिन पर देशभर की नजर रहेगी वह अगले चुनाव में राष्ट्र का नेतृत्व करेंगेगौरतलब है कि, बुधवार को, बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर साझा किया था, जिसमें कांग्रेस पार्टी सांसद राहुल गांधी को महाकाव्य रामायण में एक राक्षस राजा, ‘नए युग’ के रावण के रूप में दिखाया गया था, जिसके बाद टकराव प्रारम्भ हो गया

इस पोस्टर की विपक्षी पार्टी की ओर से व्यापक निंदा हुई पूरे हिंदुस्तान में कांग्रेस पार्टी नेताओं ने भाजपा के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया एक्स पर एक ट्वीट में, बीजेपी ने पोस्ट किया, “नए युग का रावण यहां है वह दुष्ट है धर्म विरोधी है राम विरोधी है उसका उद्देश्य हिंदुस्तान को नष्ट करना है

कांग्रेस को हिन्दू धर्म विरोधी कहने के पीछे क्या तथ्य :-

दरअसल, ये वाकया सन 2007 का है जब श्री मनमोहन सिंह राष्ट्र के पीएम थे और सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी रामसेतु को तोड़कर उसके पत्थरों का सौदा करना चाहती थी कांग्रेस पार्टी पार्टी ने रामसेतु को तोड़ने की प्रक्रिया का प्लान भी तैयार कर लिया था, पर वैसे ये इतना सरल नहीं था और आस्था से जुड़ा मामला था इसलिए राष्ट्र की सबसे पुरानी पार्टी ने 2007 में उच्चतम न्यायालय में हलफनामा देकर बोला था कि वैसे राम, सीता, हनुमान और वाल्मीकि वगैरह सिर्फ़ काल्पनिक भूमिका हैं इसलिए रामसेतु का कोई धार्मिक महत्व नहीं बताया जा सकता है, और इसे तोडा जा सकता है परन्तु उस समय बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया, और पार्टी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा सुब्रमण्यम स्वामी ने वह मुकदमा लड़ा और रामसेतु को टूटने से बचाया अगर, कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट वो मुकदमा जीत जाती तो हिन्दुओं को दो झटके लगते, पहला तो राम सेतु तोड़ दिया जाता, दूसरा अयोध्या में कभी भी राम मंदिर नहीं बन पाता क्योंकि, जब राम का कोई अस्तित्व ही नहीं, तो उनका जन्मस्थान कैसा ? राम मंदिर मुद्दे में भी वकीलों ने उच्चतम न्यायालय में ग्रंथों के हिसाब से ये साबित किया कि, श्रीराम हुए थे, और अयोध्या में इस स्थान जन्मे थे, जिसके बाद जाकर सदियों की जंग के बाद राम मंदिर में पक्ष में निर्णय आया था

 

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