दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने जोरदार की वापसी, केजरीवाल तीसरी बार बनेंगे सीएम 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने जोरदार की वापसी, केजरीवाल तीसरी बार बनेंगे सीएम 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने जोरदार वापसी की है. 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज कर केजरीवाल तीसरी बार सीएम बनेंगे. वहीं, कांग्रेस पार्टी एक बार फिर दिल्ली में अपना खाता नहीं खोल पाई. इसे लेकर कांग्रेस पार्टी में अंदरुनी कलह प्रारम्भ हो गई है. 

कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन पर अब उनके नेता ही सवाल उठाने लगे हैं. दिल्ली महिला कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी ने तो प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी को ही बंद करने की मांग कर दी.

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी।  चिदंबरम के बयान पर शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट कर जवाब दिया. लिखा, 'सर, बस मैं इतना जानना चाहती हूं कि क्या कांग्रेस बीजेपी को राज्यों में हराने के लिए क्षेत्रिय पार्टियों को आउटसोर्स कर रही है? अगर नहीं तो आप आम आदमी पार्टी की जीत पर गर्व क्यों कर रहे हैं? व अगर ऐसा है तो हमें प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी को बंद कर देना चाहिए.'
 

विपक्ष का हौसला बढ़ाने वाला है दिल्ली का परिणाम: चिदंबरम

दरअसल, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत को विपक्ष का हौसला बढ़ाने वाला परिणाम करार दिया है. उन्होंने ट्विटर हैंडल से लिखा है कि अगर मतदाता उन राज्यों के विचारों का अगुवाई करते हैं जहां से वे आए थे, तो दिल्ली का मत विपक्ष के विश्वास बढ़ाने वाला है कि बीजेपी को हर प्रदेश में हराया जा सकता है. दिल्ली का वोट प्रदेश विशेष के वोट की तुलना में अखिल भारतीय वोट है क्योंकि दिल्ली एक मिनी इंडिया है. चिदंबरम ने बोला कि याद कीजिए, जब दिल्ली में मतदान हुआ था तब लाखों मलयाली, तमिल, तेलुगु, बंगाली, गुजराती व हिंदुस्तान के अन्य राज्यों से आए लोगों ने मतदान किया था.

आत्ममंथन नहीं कार्रवाई का वक्त

कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पराजय के कारण गिनाते हुए बोला कि हम एक बार फिर दिल्ली में नकार दिए गए. उन्होंने बोला कि कब तक आत्ममंथन करेंगे, अब कार्रवाई करने का समय आ गया है. पार्टी हाईकमान को इस बारे में जल्द फैसला लेना चाहिए.

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने इससे पहले ट्वीट कर कहा कि यह समय इन चार चीजों पर कार्रवाई करने का है- शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में देरी, राज्य स्तर पर रणनीति व एकता की कमी, कार्यकर्ताओं के आत्मविश्वास में कमी, जमीनी स्तर पर पकड़ की कमी. डी प्रणाली का भाग है, मैं भी अपनी जिम्मेदारी का भाग लेती हूं.

हम फिर से दिल्ली में पहुंचे. आत्मनिरीक्षण के समय, समय 4 कार्रवाई अब. शीर्ष पर फैसला लेने में देरी, प्रदेश स्तर पर रणनीति व एकता की कमी, ध्वस्त श्रमिकों, कोई जमीनी स्तर पर सभी आर कारकों को जोड़ना. डी प्रणाली का भाग है, मैं भी अपनी जिम्मेदारी का भाग लेता हूं.